भारी बारिश से उफान पर यमुना, पांवटा साहिब में हाई अलर्ट; घाटों पर बैरिकेडिंग, 10 गोताखोर तैनात
पांवटा साहिब (सिरमौर): हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब यमुना नदी में साफ दिखाई देने लगा है। उत्तराखंड के आसन बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। संभावित खतरे को देखते हुए पांवटा साहिब प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, घाटों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई है और लोगों से नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल ने बताया कि लगातार बारिश के कारण शिमला की ओर से आने वाली टोंस नदी, गिरी नदी और यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते यमुना में पानी का बहाव काफी तेज हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों में यमुना का जलस्तर करीब 5 से 6 फीट तक बढ़ चुका है। वहीं रविवार को आसन बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी में लगभग 4 फीट अतिरिक्त पानी बढ़ गया, जिससे प्रशासन ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है।
घाटों पर कड़ी सुरक्षा, 10 गोताखोर दो शिफ्टों में तैनात
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यमुना घाट पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। घाट पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति तेज बहाव वाले हिस्से में न जा सके। इसके अलावा 10 प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम को दो शिफ्टों में तैनात किया गया है। उनके साथ दो होमगार्ड जवान भी लगातार ड्यूटी पर रहेंगे। प्रशासन ने अगले दो महीनों तक गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।
पिछले साल 100 से अधिक लोगों की बचाई गई थी जान
एसडीएम द्विज गोयल ने बताया कि पिछले मानसून के दौरान भी गोताखोरों की टीम ने समय रहते कार्रवाई कर 100 से अधिक लोगों की जान बचाई थी। उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार भी मानसून शुरू होते ही सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत कर दी गई है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील
रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए घाट पहुंचे। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और गोताखोरों ने लोगों से नदी में उतरने से बचने, तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बारिश का दौर जारी रहता है या आसन बैराज से और पानी छोड़ा जाता है, तो स्थिति के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की भी अपील की गई है।






