पंचायतों में लंबित ऑडिट वसूलियों पर सख्त हुई सरकार, 3 चरणों में होगी समीक्षा
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में लंबे समय से लंबित अंकेक्षण (ऑडिट) आपत्तियों के समाधान और अंकेक्षण वसूलियों में तेजी लाने के लिए पंचायती राज विभाग ने विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग, हिमाचल प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अभियान का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में लंबित ऑडिट आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना, वित्तीय अनियमितताओं की समीक्षा करना तथा बकाया वसूलियों की प्रक्रिया को तेज करना है। इसके लिए विकास खंड स्तर पर विशेष समीक्षा समितियों का गठन किया गया है, जो निर्धारित कार्यक्रम के तहत मामलों की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
तीन चरणों में चलेगा अभियान
विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार यह विशेष अभियान जुलाई माह में तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण का आयोजन 6 जुलाई से 8 जुलाई तक किया जाएगा। इस दौरान लंबागांव, बैजनाथ, रैत, सुराणी, परागपुर, इंदौरा, देहरा, बड़ोह और कांगड़ा विकास खंडों में लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अंकेक्षण आपत्तियों से संबंधित सभी अभिलेखों का गहन परीक्षण किया जाए और जहां वसूली लंबित है, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए राजस्व की वसूली सुनिश्चित की जाए। विभाग का मानना है कि इस विशेष मुहिम से पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।






