CM सुक्खू का ऐलान, मछुआरा समितियों पर लगा जुर्माना माफ, कोल्ड स्टोर के लिए अब मिलेगा 80% अनुदान
बिलासपुर: नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल सरकार मछुआरों को आर्थिक रूप से सहयोग करने का प्रयास कर रही है। इसी के तहत मछुआरा समितियों पर लगाए गए पांच गुना जुर्माना सरकार ने माफ कर दिया है। इसके अलावा अगर कोई मछुआरा कोल्ड स्टोरेज इकाई स्थापित करना चाहता है तो उसे अब 70 की बजाए 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर के धराड़सानी में आयोजित मछुआरा सम्मान समारोह में यह घोषणा कीं।
रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर 70 प्रतिशत अनुदान
मंच से सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूरे प्रदेश में मछुआरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने के लिए 50 लाख रुपये और मछुआरों के लिए लैंडिंग सुविधाएं विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि प्रदेश में उत्पादित मछलियों को दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना
मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रमुख जलाशयों से मछली पकड़ने वाले 1500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी की दर से कुल 52।50 लाख रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की। मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के दो माह में यह राशि हर साल दी जाएगी। हालांकि, पंजीकृत मछुआरे 1700 हैं, लेकिन योजना के तहत सभी के दस्तावेज पूरे नहीं हुए हैं, जिसमें अधिकतर ने जमीन की नकल नहीं दी थी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित परिवारों को अपने संसाधनों से आठ लाख रुपये की सहायता भी प्रदान कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जनता के धन का उपयोग लोगों के कल्याण के लिए हो। यदि किसी ने भ्रष्टाचार द्वारा संपत्ति अर्जित की है तो सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।






