सेवानिवृत्ति के करीब कर्मचारी का अनुरोध पर तबादला गलत, हाईकोर्ट ने रद्द किया आदेश
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारी का किसी अन्य कर्मचारी के अनुरोध पर तबादला करने के लिए प्रशासनिक आवश्यकता का बहाना नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने ऐसे तबादले को गलत ठहराते हुए संबंधित ट्रांसफर ऑर्डर को रद्द कर दिया है।
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने मंडी में आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त कार्यालय में ड्राइवर के पद पर तैनात ओम चंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
मामले के अनुसार, विभाग ने 18 मार्च 2026 को आदेश जारी कर ओम चंद का तबादला मंडी से कुल्लू कर दिया था। विभाग की ओर से दलील दी गई कि कुल्लू मुख्यालय में ड्राइवरों की कमी है, जिसके चलते प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए उनका तबादला किया गया।
हालांकि, इसी आदेश के तहत शिमला में तैनात एक अन्य ड्राइवर को ओम चंद की जगह मंडी भेज दिया गया। ओम चंद ने अपने तबादले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए दलील दी कि वह सेवानिवृत्ति के करीब हैं और उनका तबादला किसी वास्तविक प्रशासनिक आवश्यकता के बजाय दूसरे कर्मचारी के अनुरोध पर किया गया है।
हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों पर गौर करने के बाद माना कि सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारी को किसी अन्य के अनुरोध पर स्थानांतरित करना उचित नहीं है और इसे केवल प्रशासनिक आवश्यकता का नाम देकर सही नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने ओम चंद के तबादला आदेश को रद्द कर दिया।






