अपनी ही पार्टी पर शांता कुमार का हमला, बोले- भाजपा को फिर कार्यकर्ताओं की पार्टी बनाना होगा
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया है। 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी का स्वर्णिम युग चल रहा है, लेकिन इसे बनाए रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की है।
शांता कुमार ने कहा कि भाजपा की आज की सफलता उन हजारों कार्यकर्ताओं के संघर्ष, त्याग और समर्पण का परिणाम है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी। उन्होंने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कार्यकर्ताओं को पुलिस की लाठियां खानी पड़ीं और जेल की यातनाएं भी सहनी पड़ीं, लेकिन उनके मन में देश सेवा और राष्ट्र निर्माण का संकल्प अटूट था।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कभी कार्यकर्ताओं की पार्टी हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ यह नेताओं की पार्टी बनती जा रही है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि पार्टी को फिर से कार्यकर्ताओं की पार्टी बनाया जाए और संगठन की मूल विचारधारा को मजबूत किया जाए।
स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए शांता कुमार ने कहा कि देश को ऐसे चरित्रवान और देशभक्त लोगों की जरूरत है, जो अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को रखें। उन्होंने कहा कि जीवन की प्राथमिकता स्पष्ट होनी चाहिए—सबसे पहले देश, उसके बाद पार्टी और सबसे अंत में व्यक्तिगत हित। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज यह क्रम बदलता दिखाई दे रहा है, जहां लोग पहले स्वयं, फिर पार्टी और अंत में देश के बारे में सोचते हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं, विशेषकर युवाओं से आह्वान किया कि वे एक बार फिर 'सबसे पहले देश' की भावना को अपनाएं और अपनी ऊर्जा, समर्पण और प्रतिबद्धता का उपयोग स्वच्छ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में करें।






