विकास कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र समयबद्ध जारी करने के निर्देश
डीसी लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने जिला स्तर पर मंडे रिव्यू मीटिंग की शुरुआत की। इसका उद्देश्य प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ जिला वासियों की शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और उत्तरदायी समाधान सुनिश्चित बनाना है। डीसी ने कहा कि यह बैठक अब प्रत्येक सोमवार नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, ताकि विभागीय कार्यों की निरंतर समीक्षा, निगरानी और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सहित विकास कार्यों को निर्धारित समय अवधि में पूरा किया जा सके। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के माध्यम से किए जा रहे विकास कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र समयबद्ध जारी करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए, ताकि विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त धनराशी की डिमांड की जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह ध्यान में रखें कि जिले में निमार्ण कार्यों के लिए उपयुक्त मौसम (वर्किंग सीजन) की अवधि कम होती है। अक्तूबर, नवंबर से सर्दियां शुरू हो जाती है इसलिए विभिन्न निर्माण को समयबद्ध पूरा करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने उद्योग विभाग से जिले में महिलाओं को एमएसएमई प्रदर्शन योजना के माध्यम से संगठित और सशक्त बनाने बारे विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मनाली से लेह सड़क के किनारे (वे साईट एमनिटीज) प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे सिस्सू, तादी, उदयपुर, जिस्पा में जन सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने पंचायतीराज विभाग को केलांग और उदयपुर पंचायतों में पुस्तकालय के संचालन के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला के कुल 264 गांवों में से 93 गांव पूर्ण रूप से खुला शौच मुक्त हो चुके हैं।












