4 साल बाद फिर पटरी पर दौड़ी कांगड़ा घाटी रेल, सांसद अनुराग ठाकुर ने दिखाई हरी झंडी
कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी रेल सेवा करीब चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मंगलवार से फिर शुरू हो गई। हिमाचल-पंजाब सीमा पर स्थित पठानकोट के चक्की रेल पुल के पुनर्निर्माण के बाद रेल संचालन बहाल हो सका है, जिससे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिली है।
कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और कांगड़ा-चंबा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने नैरो गेज ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कांगड़ा के विधायक पवन काजल, विधायक ठाकुर रणबीर सिंह निक्का तथा रेलवे के डीआरएम विवेक कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ना है। कांगड़ा घाटी रेल सेवा की बहाली उसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि यह रेल सेवा न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संजोए रखेगी, बल्कि पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा-धर्मशाला क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए यह ट्रेन विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को सस्ती और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिलेगी तथा पर्यटन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
करीब चार साल बाद ट्रेन की सीटी सुनकर स्थानीय लोगों और रेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इस ऐतिहासिक रेल सेवा की वापसी का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।






