बिना TET 45 शिक्षकों की पदोन्नति पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और शिक्षा विभाग से 10 दिन में मांगा जवाब
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में कुल्लू जिले के एक मामले में बिना टीईटी (TET) उत्तीर्ण किए जेबीटी शिक्षकों को हेड टीचर पद पर पदोन्नत करने के फैसले को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की अदालत ने राज्य सरकार, प्रारंभिक शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में कुल्लू ब्लॉक में 45 जेबीटी शिक्षकों को टीईटी पास किए बिना हेड टीचर पद पर पदोन्नति दिए जाने को नियमों के विपरीत बताया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों की पदोन्नति हुई है या भविष्य में होगी, वह इस रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में इन पदोन्नतियों को निरस्त किया जाता है तो संबंधित शिक्षक केवल पदोन्नति आदेश के आधार पर किसी विशेष अधिकार, वैधानिक लाभ या स्थायी दावा नहीं कर सकेंगे। अदालत का अंतिम फैसला सभी पदोन्नत शिक्षकों पर समान रूप से लागू होगा।
इसके साथ ही याचिकाकर्ताओं को निजी प्रतिवादियों को दस्ती नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसका जवाब तीन सप्ताह के भीतर देना होगा। मामले की अगली सुनवाई अब 27 जुलाई को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि सर्वोच्च न्यायालय अपने पूर्व निर्णयों में स्पष्ट कर चुका है कि टीईटी योग्यता पदोन्नति के लिए भी अनिवार्य है। ऐसे में जिन शिक्षकों ने टीईटी उत्तीर्ण नहीं किया है, उन्हें हेड टीचर पद पर पदोन्नत नहीं किया जा सकता।






