हिमाचल में जम्मू-कश्मीर मॉडल पर होगी शिक्षकों की भर्ती, 25 हजार रुपये मिलेगा मानदेय
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार अब जम्मू-कश्मीर मॉडल पर एक वर्ष के लिए अस्थायी शिक्षकों की भर्ती करेगी। चयनित शिक्षकों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।
इसके साथ ही सरकार ने सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए 1 सितंबर 2026 से ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली (Online Attendance System) लागू करने का भी निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज होगी।
यह महत्वपूर्ण निर्णय सोमवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शिक्षा निदेशालय, शिमला में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, रिक्त पदों की समस्या और स्कूलों में बेहतर निगरानी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह भर्ती समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan) के तहत की जाएगी। शिक्षा विभाग जल्द ही भर्ती का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की मंजूरी के लिए भेजेगा। मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से विशेष रूप से दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। वहीं, ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू होने से स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही भी मजबूत होगी।
मुख्य बातें...
जम्मू-कश्मीर मॉडल पर एक वर्ष के लिए अस्थायी शिक्षकों की भर्ती
चयनित शिक्षकों को ₹25,000 प्रतिमाह मानदेय
भर्ती समग्र शिक्षा अभियान के तहत होगी
1 सितंबर 2026 से सभी सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू
शिक्षा विभाग कैबिनेट मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजेगा






