आशा वर्करों का मानदेय 30 हजार रूपये करने की मांग, कर्मचारी संगठनों ने DC को सौंपा ज्ञापन
धर्मशाला। आशा कार्यकर्ताओं समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सोमवार को धर्मशाला में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को सरकार के समक्ष उठाया।
आशा कार्यकर्ता संघ की जिला सचिव कल्पना रंधावा ने कहा कि आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका मानदेय बढ़ाकर 30 हजार प्रतिमाह किया जाए।
प्रदेश परिवहन मजदूर संघ के अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर ने कहा कि विभिन्न विभागों और संगठनों के कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अपनी मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को कम से कम ₹30 हजार मासिक वेतन दिया जाए। उन्होंने HRTC के बेड़े में पहाड़ी क्षेत्रों की जरूरत को देखते हुए डीजल बसें शामिल करने की मांग भी उठाई।
प्यार सिंह ठाकुर ने कहा कि कर्मचारियों का लंबित दूरी भत्ता और 1 जनवरी 2016 से लंबित एरियर का जल्द भुगतान किया जाना चाहिए। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने बताया कि उपायुक्त ने ज्ञापन को सरकार और प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।






