एंट्री टैक्स पर बवाल: 9 अप्रैल तक समाधान नहीं तो प्रदेशभर में चक्का जाम, टैक्सी ऑपरेटरों की बॉर्डर सील की चेतावनी
बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर विवाद अब गहराता जा रहा है। टैक्सी ऑपरेटरों ने सरकार को सीधा अल्टीमेटम देते हुए साफ कर दिया है कि यदि 9 अप्रैल तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
ऑल हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर एवं ड्राइवर वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान रामरतन शर्मा ने कहा कि तय समय सीमा तक समाधान नहीं हुआ तो राज्य के 33 एंट्री बैरियरों पर 132 यूनियनें एक साथ धरना-प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर प्रदेश की सीमाएं तक सील की जा सकती हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
जबरन वसूली के आरोप
रामरतन शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा एंट्री टैक्स को लेकर नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा। बॉर्डर पर तैनात कर्मचारी कथित तौर पर टैक्सी ऑपरेटरों से अवैध और जबरन वसूली कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
एसोसिएशन का कहना है कि इस मुद्दे को कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी से टैक्सी चालकों और ऑपरेटरों में रोष बढ़ता जा रहा है और वे मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
टोल बंद करने की भी चेतावनी
टैक्सी यूनियन ने साफ किया है कि यदि 9 अप्रैल तक कोई समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसमें टोल प्लाजा बंद करने जैसे सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं। यूनियन ने दो टूक कहा कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
एंट्री टैक्स को लेकर बढ़ता यह विवाद अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। समय रहते समाधान नहीं निकला तो इसका असर न केवल परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा, बल्कि आम लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।












