लद्दाख के आंदोलन को दबाने की कोशिश देशहित के खिलाफ: गुमान सिंह
- हिमाचल में जन संगठनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस, केंद्र से की शांति व समाधान की मांग
हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह ने मंडी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लद्दाख में हुए दमन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन संविधान के दायरे में है और सरकार को इसे संवाद से हल करना चाहिए, न कि दमन से। उन्होंने कहा कि 24 सितंबर को भूख हड़ताल कर रहे लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद जब जनता सड़कों पर उतरी तो उन्हें भड़काने की बजाय, सरकार ने गोलीबारी और लाठीचार्ज जैसे अमानवीय कदम उठाए। इस हिंसा में 4 नागरिकों की मौत और 50 से अधिक घायल हुए। गुमान सिंह ने लद्दाख की चार प्रमुख मांगों — पूर्ण राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल करना, लोकसभा में दो सीटें, और रोजगार में स्थानीयों को प्राथमिकता — को न्यायसंगत और संविधान सम्मत बताया। उन्होंने केंद्र सरकार पर संवाद से भागने और कारपोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि सोनम वांगचुक पर लगाया गया एनएसए हटाया जाए, सभी गिरफ्तार आंदोलनकारियों को रिहा किया जाए और घटना की न्यायिक जांच हो। साथ ही हिमालय क्षेत्र में पर्यावरण विरोधी परियोजनाओं पर रोक लगाकर एक स्थायी हिमालय नीति बनाई जाए। इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष सीटू, जोगिंदर वालिया अध्यक्ष फोरलेन संयुक्त संघर्ष समिति, एडवोकेट देश राज पूर्व अध्यक्ष, वॉर काउंसिल हि.प्र., अमर सिंह राघव राज्य सलाहकार सर्वजन संरक्षण समिति, संतराम प्रदेश अध्यक्ष मनरेगा एवं सर्व कामगार संगठन, एडवोकेट हेम सिंह सराज आपदा सुझाव मंच, लीलाधर चौहान चेयरमैन एएएस फाउंडेशन, नरेंद्र सैनी अध्यक्ष देव भूमि पर्यावरण रक्षा मंच आदि उपस्थित रहे।












