हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बाहरी राज्यों से शादी के बाद हिमाचल बसने वाली महिलाओं को नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आरक्षण से जुड़े एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि विवाह के बाद दूसरे राज्यों से हिमाचल में बसने वाली महिलाओं को SC और OBC आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि केवल विवाह के आधार पर किसी व्यक्ति की जातिगत आरक्षण पात्रता एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित नहीं हो सकती।
मामला पंजाब और हरियाणा की तीन महिलाओं से जुड़ा था, जिन्होंने हिमाचल में अपनी ही जाति के पुरुषों से विवाह करने के बाद सरकारी नौकरियों और अन्य आरक्षण लाभों का दावा किया था। हालांकि राज्य सरकार ने उनका दावा खारिज कर दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने सही ठहराया।
अदालत ने कहा कि SC, ST और OBC की पहचान राज्यवार होती है और आरक्षण का लाभ केवल उसी राज्य में मिलता है जहां संबंधित समुदाय अधिसूचित है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के "रंजना कुमारी बनाम उत्तराखंड राज्य" मामले का हवाला देते हुए कहा गया कि विवाह के आधार पर आरक्षण अधिकार दूसरे राज्य में हस्तांतरित नहीं किए जा सकते।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के रुख को वैध मानते हुए तीनों याचिकाएं खारिज कर दीं।






