जोगिंद्रनगर में जीत का जश्न बना दहशत का मंजर: उग्र सांड ने BJP समर्थकों की भीड़ पर बोला हमला, 7 घायल
अनंत ज्ञान ब्यूरो | जोगिंद्रनगर
नगर निकाय चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जोगिंद्रनगर में जीत का जश्न उस समय अफरातफरी और दहशत में बदल गया, जब एक उग्र सांड ने भाजपा समर्थकों की भीड़ पर अचानक हमला कर दिया। घटना पुलिस थाना के समीप स्थित राजकीय बाल पाठशाला जोगिंद्रनगर के मुख्य गेट के पास देर शाम हुई, जहां मतगणना समाप्त होने के बाद भारी संख्या में प्रत्याशी, समर्थक, पुलिस कर्मी, मीडिया प्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चुनाव परिणाम सामने आते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों, पटाखों और जोरदार नारेबाजी के बीच समर्थक जीत का जश्न मना रहे थे। मतगणना स्थल के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा थी। इसी दौरान अचानक एक सांड भीड़ के बीच आ गया और कुछ ही क्षणों में उग्र होकर लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया।
सांड के हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कुछ देर के लिए वहां भगदड़ जैसे हालात बन गए। बताया जा रहा है कि सांड तेजी से भीड़ की ओर दौड़ रहा था और रास्ते में आने वाले लोगों को टक्कर मारते हुए मतगणना स्थल की ओर बढ़ गया।
पुलिस और मीडिया कर्मियों ने भागकर बचाई जान
घटना के दौरान मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लगाई। वहीं कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों को भी कैमरे और अन्य उपकरण छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। कुछ समय तक पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना रहा।
सात लोग घायल, प्राथमिक उपचार के बाद खतरे से बाहर
सांड के हमले और भगदड़ की इस घटना में भाजपा कार्यकर्ताओं समेत सात लोग घायल हो गए। कुछ लोगों को सांड की टक्कर से चोटें आईं, जबकि कुछ भगदड़ के दौरान गिरकर घायल हुए। सभी घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
आवारा पशुओं की समस्या पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन और नगर परिषद के प्रति नाराजगी देखने को मिली। घायल स्थानीय निवासी राज ने बताया कि जोगिंद्रनगर शहर में लंबे समय से आवारा पशुओं की समस्या बनी हुई है। बाजारों, मुख्य चौकों और सार्वजनिक स्थलों पर अक्सर आवारा पशु घूमते रहते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।






