आचार संहिता का असर: तबादले, टेंडर और विकास कार्यों पर लगी रोक
हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के चलते लागू आचार संहिता का असर अब प्रशासनिक कामकाज पर साफ दिखने लगा है। कर्मचारियों के तबादले, सरकारी टेंडर और कई विकास कार्य फिलहाल अटक गए हैं, जिससे विभागों में फाइलों का ढेर बढ़ता जा रहा है।
सरकार द्वारा भेजी जा रही तबादला फाइलें राज्य चुनाव आयोग से मंजूरी के लिए भेजी जा रही हैं, लेकिन आयोग यह स्पष्ट करने के लिए वापस लौटा रहा है कि संबंधित कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में है या नहीं। स्पष्ट जानकारी न मिलने तक मंजूरी नहीं मिल रही, जिससे शिक्षा विभाग सहित कई विभागों में ट्रांसफर मामले लंबित हैं। आचार संहिता के कारण नए टेंडर भी रोक दिए गए हैं, जिससे नई परियोजनाओं और स्थानीय रोजगार पर असर पड़ने की आशंका है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन कार्यों में तेजी आने की संभावना है।
हालांकि, कुछ मामलों में न्यायालय के आदेश पर और चुनाव आयोग की अनुमति से शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति मांगी है, क्योंकि कई अस्पतालों के लाइसेंस रिन्यू होने बाकी हैं। इसके अटकने से मरीजों को विशेष इलाज सेवाओं में परेशानी हो सकती है।






