लुहरी प्रोजेक्ट के खिलाफ फूटा किसानों का गुस्सा, SJVN और सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
रामपुर बुशहर: हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर में लुहरी हाइड्रो परियोजना से प्रभावित किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को हिमाचल किसान सभा और लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के आह्वान पर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और परियोजना स्थल पर काम पूरी तरह से ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार, स्थानीय प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम (SJVN) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों का आरोप है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों और समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिन्हा ने कहा कि साल 2021 से शुरू इस परियोजना के चलते ब्लास्टिंग और धूल से फसलों और मकानों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन अब तक कोई उचित मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि SJVN के साथ कई बार लिखित समझौते होने के बावजूद उन्हें लागू नहीं किया गया।
मुआवजे में भेदभाव के आरोप
प्रभावित कमेटी के पदाधिकारियों ने मुआवजे में भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। देलठ, नीरथ और आनस गांवों में केवल 2021-22 का मुआवजा मिला है, जबकि शमाथला, भूटी, फाटी देहरा, बायल और गड़ैच में सर्वे के बावजूद भुगतान अटका हुआ है। बरकेली के 33 परिवारों को अब तक फसल मुआवजा नहीं मिला है।
वहीं, निथर, भूटी, कारंगला और बढ़ाच गांवों में मकानों में दरारें आने के बावजूद मुआवजा नहीं दिया गया। इसके अलावा, अपनी जमीन देने वाले करीब 120 परिवार रोजगार के बदले मिलने वाली एकमुश्त राशि का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासन के साथ बैठक में आश्वासन
प्रदर्शन के बीच किसान सभा, SJVN और प्रशासन (SDM रामपुर व निरमंड) के बीच त्रिपक्षीय बैठक भी हुई। बैठक में प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि बरकेली के छूटे हुए परिवारों को जल्द मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, एकमुश्त राशि के मुद्दे को जून में होने वाली पुनर्वास (R&R) बैठक में प्राथमिकता से उठाने और जिन क्षेत्रों में सर्वे पूरा हो चुका है, वहां जल्द मुआवजा वितरण शुरू करने का आश्वासन दिया गया।
किसान सभा ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।












