शिमला: KNH शिफ्टिंग पर बवाल: महिलाओं का धरना, सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित प्रदेश के एकमात्र महिला अस्पताल कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) की सेवाओं को आईजीएमसी में शिफ्ट किए जाने के फैसले के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बैनर तले महिलाओं ने अस्पताल परिसर में ही 24 घंटे का धरना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठी हैं और सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग कर रही हैं।
धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि केएनएच में गायनी और प्रसूति सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध थीं, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलती थी। लेकिन ओपीडी और वार्ड को अलग-अलग स्थानों पर शिफ्ट करने से महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका साफ कहना है कि 100 साल से ज्यादा पुराने इस ऐतिहासिक अस्पताल को कमजोर करने के बजाय यहां सुविधाओं को और मजबूत किया जाना चाहिए था।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की महासचिव फालमा चौहान ने सरकार के फैसले को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि अगर अस्पताल की मशीनें पुरानी थीं तो उन्हें बदला जाना चाहिए था, न कि पूरे सिस्टम को ही बिखेर दिया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में यूजर चार्ज बढ़ा दिए गए हैं और मरीजों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
वहीं, समिति की प्रदेश अध्यक्ष रंजना जरेट और जिला अध्यक्ष हिमी देवी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आईजीएमसी पहले से ही मरीजों के दबाव से जूझ रहा है, ऐसे में केएनएच की ओपीडी वहां शिफ्ट करना महिलाओं के लिए और मुश्किलें खड़ी करेगा। उन्होंने मांग की कि केएनएच में ही नए भवन का निर्माण कर सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
महिला संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। 24 घंटे के धरने के बाद 30 अप्रैल को आईजीएमसी में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया है और जरूरत पड़ने पर सचिवालय का घेराव भी किया जाएगा।












