वर्दी की साख से समझौता नहीं-''खाकी को बदनाम करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई'': डीजीपी अशोक तिवारी
शिमला, 07 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन को लेकर भी सख्ती बढ़ाई जा रही है। कार्यकारी डीजीपी अशोक तिवारी ने स्पष्ट कहा है कि “खाकी पर दाग लगाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा” और विभाग ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई कर रहा है।
शिमला में मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कार्यकारी डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि जैसे किसी परिवार के सभी सदस्य एक जैसे नहीं होते, उसी तरह पुलिस विभाग में भी कुछ लोग ऐसे हैं जो वर्दी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि इस साल अब तक 16 पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। इन कर्मचारियों के खिलाफ या तो एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज थे या फिर उनके नशा तस्करों को संरक्षण देने की पुख्ता जानकारी सामने आई थी। डीजीपी ने कहा कि ऐसे मामलों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता रखने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा और विभाग की साख बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
बहुचर्चित ‘चेस्टर हिल’ मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर कार्यकारी डीजीपी ने कहा कि फिलहाल इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा क्योंकि मामला जांच के दायरे में है और संबंधित विभाग इस पर आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार इस मामले में पुलिस विभाग को कोई विशेष जिम्मेदारी देती है तो पुलिस पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपना दायित्व निभाएगी।












