मनूणी खड्ड ने दूसरे दिन उगले 3 और शव, खड्ड की दहाड़ ने कर दिया कई घरों में अंधेरा, रेस्क्यू अभियान जारी
धर्मशाला के साथ लगते खनियारा में भारी बरसात में मनूणी खड्ड ने ऐसा औंद्र रूप दिखाया है कि हर कोई डरा व सेहमा हुआ है। बताया जा रहा है कि खडड में पानी के तेज बहाव में 15 से 20 मजदूर बह गए हैं जिनमें से एसडीआरएफ व एमडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू करने में लगे हुए हैं। वीरवार के दिन 3 और लोगों के शवों को बरामद कर लिया गया है। शवों को एनडीआरएफ के जवानों द्वारा धर्मशाला के पोस्टमार्टम ग्रह में पहुंचा दिया गया है और शुक्रवार को इन शवों का पोस्टमार्टम करवाकर और शिनाख्त ने बाद यह परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। इसी के साथ इस हादसे के दौरान जंगल की और भागे मजदूर को भी एनडीआरएफ के जवानों द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है और उसको मेडिकल के लिए धर्मशाला अस्पताल पहुंचाया गया है। जानकारी के अनुसार अभी तक कुल 5 लोगों के शवों को बरामद किया गया है, जबकि पानी में बहे कई लोगों का कोई अता-पता नहीं है। बुधवार को कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया है कि कई घरों में सनाटा पसर चुका है। खड्ड जिन लोगों को अपने साथ बहाकर ले गई वे सभी हाइड्रो प्रोजेक्ट में काम करते थे और खड्ड किनारे बनाए शेड में रह रहे थे। राहत एवं बचाव कार्य लगातार युद्धस्तर पर जारी है। घटनास्थल पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की दो टुकडिय़ां तथा होमगार्ड की एक टीम तैनात है और निरंतर सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। हालांकि, घटनास्थल पर उपायुक्त कांगड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपमंडलाधिकारी धर्मशाला एवं तहसीलदार, थाना प्रभारी स्वयं उपस्थित हैं और स्थिति की प्रत्यक्ष निगरानी कर रहे हैं। संपूर्ण सर्च ऑपरेशन का संचालन जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र कांगड़ा से किया जा रहा है, जिसकी कमान एडीएम कांगड़ा के पास है। एक अतिरिक्त बैकअप टुकड़ी, जिसमें पुलिस कर्मी शामिल हैं, को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक टुकड़ी को भी राहत एवं बचाव कार्य में सहायता हेतु बुलाया गया है। पानी के बहाव में कई मशीनरियां व वाहन भी बह गए है, जिससे भारी नुकसान भी हुआ है।
लवली पर रहा भगवान का आशीर्वाद, भागकर बचाई जान
जब भारी बरसात में मनूणी खड्ड ने दहाड़ लगाई तो जिला चंबा के निवासी लवली शोर मचाता हुआ पहाड़ी की तरफ भाग निकला और अपनी जाच बचाई। हालांकि, उसके बाकी साथी कुछ समझ पाते सभी को पानी ने निगल लिया। लवली ने बताया कि वह दोपहर का भोजन करने के लिए मनूणी प्रोजेक्ट में आया हुआ था कि अचानक से तेज आवाज आई और देखते ही देखते हर तरफ पानी के तेज बहाव आ गया और उनका कैंप इस तेज बहाव में बह गया। लवली ने बताया कि इस कैंप में 10 से ज्यादा लोग थे, जो इस तेज बहाव में बह गए। लवली बताया कि पूरी रात बिना कुछ खाए किसी तरह से रात गुजारी और सुबह एनडीआरएफ की टीम ने उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचा दिया। उसने बताया कि खड्ड ने ऐसा शोर मचाया मानों जैसे भूकंप आ गया हो। तेज आवाज ने घाटी को हिलाकर रख दिया।
एडीएम बोले-खराब मौसम से रेस्क्यू अभियान में मुश्किल
वहीं, इस बारे में जानकारी देते हुए धर्मशाला की एडीएम शिल्पी वेकटा ने बताया कि खराब मौसम के कारण इस रेस्क्यू अभियान में मुश्किल आ रही है, लेकिन अगर मौसम साफ होता है तो इस रेस्क्यू अभियान को तेज करने के लिए प्रशासन द्वारा ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में अभी तक 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके है और इस अभियान में अभी भी 4 लोग लापता है, जिनकी तलाश की जा रही है। शिल्पी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया में इस रेस्क्यू अभियान को लेकर भ्रमित प्रसार न करें।












