जनप्रतिनिधियों को परेशान करने वाले अधिकारियों को जयराम की चेतावनी, बोले- "तुम्हारी भी जमीन हम नापेंगे"
शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को कथित रूप से परेशान करने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोपरि है और उनके अधिकारों तथा जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के इशारे पर कुछ अधिकारी पंचायतों, जिला परिषदों और अन्य स्थानीय निकायों के नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को परेशान करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने जिन प्रतिनिधियों को अपने मतों से चुना है, उन्हें विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का पूरा अधिकार है।
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, "अगर कोई अधिकारी राजनीतिक दबाव में आकर जनप्रतिनिधियों के कार्यों में अड़चन पैदा करता है या उन्हें प्रताड़ित करने की कोशिश करता है, तो इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। तुम्हारी भी जमीन हम नापेंगे फिर। यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। जनप्रतिनिधियों को परेशान करने वाले अधिकारियों का भविष्य भी प्रभावित होगा।"
जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को प्रशासनिक मर्यादाओं और निष्पक्षता बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा कि अधिकारी किसी राजनीतिक दल या सरकार के नहीं, बल्कि जनता और संविधान के प्रति जवाबदेह होते हैं। इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमारे जनप्रतिनिधियों को सरकार के इशारे पर जो अधिकारी परेशान कर रहे हैं, उनसे हम साफ-साफ कहना चाहते हैं कि यह बहुत महंगा पड़ेगा। अधिकारी अपनी मर्यादाएं न लांघें और इस सरकार के साथ अपना भविष्य जोड़ने की भूल न करें। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन प्रशासनिक सेवा की गरिमा और निष्पक्षता हमेशा बनी रहनी चाहिए।"
जयराम ठाकुर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा होने की संभावना है। विपक्ष जहां इसे जनप्रतिनिधियों के सम्मान का मुद्दा बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने का इंतजार किया जा रहा है।






