कुल्लू में बारिश का कहर: ब्यास किनारे भूस्खलन, करोड़ों का होटल खतरे में; हाईवे भी हुआ क्षतिग्रस्त
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में बीते पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर मॉनसून जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। चंबा में पुल गिरने की घटना के बाद अब कुल्लू जिले में भी खतरा बढ़ गया है। मनाली मार्ग पर बंदरोल क्षेत्र में ब्यास नदी के किनारे हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है।
जानकारी के अनुसार, कुल्लू से करीब 10 किलोमीटर आगे मनाली की ओर बंदरोल में अचानक जमीन खिसकने लगी। ब्यास नदी के किनारे से ऊपर की ओर हुए इस लैंडस्लाइड की चपेट में एक होटल परिसर का हिस्सा आ गया है। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह होटल अब गंभीर खतरे में है। इतना ही नहीं, होटल के नीचे स्थित एक अन्य भवन का कुछ हिस्सा भी धंसकर नीचे चला गया है।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें स्थानीय लोग हालात की गंभीरता को देखते हुए आसपास के भवनों को तुरंत खाली करने की अपील करते सुनाई दे रहे हैं।
हाईवे को भी बड़ा नुकसान
लगातार बारिश का असर सड़कों पर भी साफ दिख रहा है। इससे पहले मंगलवार को मनाली के अलेऊ के पास लेफ्ट बैंक पर नग्गर की ओर से कुल्लू-मनाली को जोड़ने वाले मार्ग का एक हिस्सा धंस गया था।
वहीं, बुधवार को मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर जागर नाला के पास बना डंगा एक बार फिर बारिश का सामना नहीं कर सका और ढह गया। यह डंगा पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुका था, जिसे दोबारा तैयार किया गया था, लेकिन लगातार बारिश के चलते यह फिर टूट गया।
डंगे के गिरने से करीब 30 मीटर सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। यदि शेष हिस्सा भी गिरता है, तो आसपास बने आधा दर्जन घरों पर भी खतरा मंडरा सकता है।
प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।












