जुब्बल-कोटखाई बनेगा खेल हब: रोहित, छात्रावास में किया जाएगा सुविधाओं का विस्तार
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को कहा कि आने वाले समय में जुब्बल-नावर-कोटखाई क्षेत्र खेलों के मामले में राज्य में शीर्ष स्थान पर होगा। उन्होंने यह बात ठाकुर रामलाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेल छात्रावास (कन्या), जुब्बल के निरीक्षण के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में कही। रोहित ठाकुर ने छात्र जीवन में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित करते हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रयासरत है, वहीं खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश भर में कुल नौ खेल छात्रावास हैं, जिनमें से ठाकुर रामलाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेल छात्रावास (कन्या) सबसे बड़ा बनकर उभर रहा है। 1987 में स्थापित इस छात्रावास में पहले केवल वॉलीबॉल का प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन पिछले दो वर्षों में कबड्डी और बैडमिंटन जैसे दो अतिरिक्त खेलों को भी इसमें शामिल किया गया है। वर्तमान में, यहां वॉलीबाल और कबड्डी के लिए 20-20 सीटें, और बैडमिंटन के लिए 15 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, छात्रावास में 1 करोड़ रुपए की लागत से एक नया भवन भी बनाया गया है, जिससे खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। रोहित ठाकुर ने प्रशिक्षण ले रही छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि वे आने वाले समय में देश-विदेश में जुब्बल का नाम रोशन करेंगी। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को स्पोर्ट्स किट भी वितरित कीं।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य कौशल मुंगटा, निदेशक हिमफेड भीम सिंह झौटा, पूर्व जिला परिषद सदस्य मोतीलाल सिथता, उप शिक्षा निदेशक लेख राज भारद्वाज, प्रभारी खेल छात्रावास जुब्बल बलवंत झौटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक और विकास कार्यों का लोकार्पण
खेल छात्रावास के निरीक्षण के बाद, शिक्षा मंत्री ने ठाकुर राम लाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (छात्र) के प्रधानाचार्य और अन्य शिक्षकों के साथ बैठक की। उन्होंने विद्यालय में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की और प्रबंधन को भविष्य में संस्थान की प्रगति और उन्नति के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।












