कांगड़ा नगर परिषद चुनाव: भाजपा ने घोषित की पहली सूची, कांग्रेस में अभी भी मंथन जारी
कांगड़ा नगर परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा ने चुनावी मैदान में पहली बड़ी चाल चलते हुए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक पवन काजल ने सोमवार को शहरी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद सात वार्डों के प्रत्याशियों के नाम घोषित किए। पार्टी ने इस बार “नया नेतृत्व और विकास की नई दिशा” के नारे के साथ शिक्षित और पेशेवर पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी है।
विधायक पवन काजल ने बताया कि वार्ड नंबर 5 और 7 के प्रत्याशियों के नाम 29 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे। सूची जारी करते हुए उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पिछले चार दशकों से कांगड़ा नगर परिषद में दो परिवारों का वर्चस्व रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बार परिवारवाद की राजनीति को समाप्त कर शहर में विकास की नई शुरुआत करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी है।
भाजपा की पहली सूची में विविध पृष्ठभूमि के उम्मीदवार
भाजपा द्वारा जारी सूची में समाज के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। वार्ड 1 से राखी शर्मा (योगा शिक्षिका), वार्ड 2 से नीता कुमारी (सेवानिवृत्त हेल्थ सुपरवाइजर), वार्ड 3 से इंजीनियर आशुतोष परवान, वार्ड 4 से अनुराधा (मौजूदा पार्षद), वार्ड 6 से सुधा त्रिवेदी (सेवानिवृत्त शिक्षिका), वार्ड 8 से शुभम कुमार (युवा चेहरा) और वार्ड 9 से रितेश सोनी (कारोबारी एवं पूर्व पार्षद) को मैदान में उतारा गया है।
घर-घर जाकर प्रचार का निर्देश
विधायक काजल ने सभी प्रत्याशियों को तुरंत अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं और भाजपा के विकास मॉडल को सामने रखें। उनका दावा है कि जनता इस बार बदलाव के मूड में है और नगर परिषद में भाजपा का परचम लहराना तय है।
कांग्रेस में मंथन जारी
उधर, कांग्रेस खेमे में अभी भी उम्मीदवारों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। कांगड़ा की राजनीति में लंबे समय से दो प्रमुख राजनीतिक परिवारों का प्रभाव माना जाता रहा है, जिनसे जुड़े नेता वर्तमान में सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। चर्चा है कि कांग्रेस या तो एकजुट रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी या फिर अलग-अलग गुटों के रूप में उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी की यह देरी भाजपा को शुरुआती बढ़त दिलाती नजर आ रही है।












