हिमाचल के रणबांकुरों को राष्ट्र का सलाम, 4 शौर्य चक्र और 2 वीर चक्र से नवाजे
हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ-साथ वीर भूमि भी कहा जाता है, क्योंकि छोटा राज्य होने के बावजूद देश की सुरक्षा के लिए यहां के युवाओं की भूमिका हमेशा अग्रणी रही है। 8 जून 2026 की संध्या ने इस पहाड़ी राज्य के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया।जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य के छह वीर सपूतों को उनके असाधारण साहस और शौर्य के लिए शौर्य चक्र और वीर चक्र से सम्मानित किया।
इस ऐतिहासिक क्षण में जब हिमाचल प्रदेश के सीने पर चार शौर्य चक्र और दो वीर चक्र अलंकृत हुए, तो प्रदेश के हर नागरिक का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। बता दें कि हिमाचल के विभिन्न जिलों के इन जवानों ने अलग-अलग अभियानों में दुश्मनों के खिलाफ अदम्य साहस दिखाया। राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में इन सैनिकों के परिजनों की मौजूदगी ने इस क्षण को और भावुक बना दिया।
स्क्वाड्रन लीडर अर्शदीप सिंह ठाकुर को वीर चक्र
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रहने वाले और भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर अर्शदीप सिंह ठाकुर को राष्ट्रपति द्वारा युद्ध काल के तीसरे उच्चतम वीरता पदक ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया है। अर्शदीप सिंह ठाकुर ने 7 मई 2025 को फ़्लाइट लेफ़्टिनेंट रहते हुए आधी रात को सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अति विपरीत परिस्थितियों में दुश्मन के घातक हवाई और ज़मीनी हमलों से बचते हुए अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा।
वर्तमान में स्क्वाड्रन लीडर अर्शदीप सिंह ठाकुर को 15 जून 2019 को भारतीय वायु सेना (IAF) की फ़्लाइंग शाखा में एक फाइटर पायलट के रूप में कमीशन किया गया था और वह 31 अगस्त 2021 से एक सुखोई-30 एमकेआई (Su-30 MKI) स्क्वाड्रन के तैनात बल का हिस्सा हैं। सम्मान समारोह में शामिल हुईं उनकी माता अमरजीत कौर और पिता नरबीर सिंह ठाकुर बेहद भावुक नजर आए। माता अमरजीत कौर ने कहा कि बेटे को सम्मानित होते हुए देखना उनके लिए गौरव के साथ-साथ भावुक कर देने वाला क्षण था, क्योंकि बच्चे ने कड़ी मेहनत की है और किसी भी माता-पिता के लिए इससे बड़ी बात नहीं हो सकती।
असम में आतंकियों का काल बने मेजर अंशुल बाल्टू को शौर्य चक्र
शिमला जिले की जुब्बल तहसील के तहत आने वाले घूंसा गांव के सपूत मेजर अंशुल बाल्टू को राष्ट्रपति मुर्मू ने शांति काल के तीसरे उच्चतम पदक ‘शौर्य चक्र’ से अलंकृत किया है। वर्तमान में जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फेंट्री की बत्तीसवीं बटालियन असम राइफल्स में तैनात मेजर बाल्टू ने असम में 29 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों के ख़िलाफ़ एक विशेष सैन्य अभियान में परम पराक्रम का परिचय दिया। उन्होंने दक्षिणी असम में आतंकवादियों का पीछा करते हुए एक सशस्त्र आतंकवादी को अकेले ही मार गिराया।
कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को शौर्य चक्र
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के जोगिंद्रनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत दारट बगला के रहने वाले कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को प्रतिष्ठित वीरता सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से नवाज़ा गया है। वर्तमान में छठी पैरा स्पेशल फोर्स में तैनात कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर ने 21 जुलाई 2025 को जम्मू और कश्मीर में घने कोहरे और कठिन परिस्थितियों के बीच संदिग्ध गतिविधि की पहचान करते हुए त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने भारी गोलीबारी के बीच निकट मुठभेड़ में एक आतंकवादी को ढेर कर दिया।
लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर शौर्य चक्र से सम्मानित
हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िला के तहत आने वाले चढ़तगढ़ गांव से संबंध रखने वाले और भारतीय नौसेना में कार्यरत लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को विशिष्ट वीरता के लिए ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया है। लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर ने 5 नवंबर 2024 को एक सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के साथ आमने-सामने के मुकाबले में अपनी सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए दो आतंकियों को मार गिराया था।
नायब सूबेदार सतीश कुमार को वीर चक्र
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र की मकरीड़ी पंचायत के निवासी नायब सूबेदार सतीश कुमार को वीरता और राष्ट्रसेवा के उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘वीर चक्र’ प्रदान किया गया है। वर्तमान में डोगरा रेजीमेंट की चौथी बटालियन में तैनात नायब सूबेदार सतीश कुमार ने 10 मई 2025 को नियंत्रण रेखा (LoC) पर दुश्मन की भारी गोलाबारी के बीच मोर्टार प्लाटून का नियंत्रण अपने हाथों में लिया। उन्होंने दुश्मन पर जबरदस्त जवाबी हमला कर देश को सामरिक बढ़त दिलाई।
अमर बलिदानी लांस दफादार बलदेव चंद को मरणोपरांत शौर्य चक्र
बिलासपुर जिले की सनिहरा पंचायत के निवासी अमर बलिदानी लांस दफादार बलदेव चंद को राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने के लिए मरणोपरांत ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू से उनकी धर्मपत्नी शिवानी रनौत और उनकी माता विजय कुमारी ने यह सम्मान प्राप्त किया। आर्म्ड कोर राष्ट्रीय राइफल्स चौथी बटालियन में तैनात लांस दफादार बलदेव चंद ने 19 सितंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में एक आतंकी विरोधी अभियान के दौरान गंभीर खतरे में घिरे अपने साथी जवानों की रक्षा की।
वे हथियारबंद आतंकवादी पर अकेले टूट पड़े और उससे हथियार छुड़ाकर अदम्य साहस का परिचय दिया। इस दौरान सीने में गोली लगने के बाद भी वे पीछे नहीं हटे और आतंकियों का डटकर मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
हिमाचल प्रदेश के छह वीर सपूतों को देश की सुरक्षा में अद्वितीय पराक्रम दिखाने के लिए मिले सम्मान पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने उन्हें बधाई दी है। उनकी इस उपलब्धि से प्रदेश के हर नागरिक का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।






