जनविरोधी फैसलों पर हाईकोर्ट की रोक से सुक्खू सरकार बेनकाब : जयराम ठाकुर
अनंत ज्ञान ब्यूरो, मंडी
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुक्खू सरकार के जनविरोधी और असंवैधानिक फैसलों पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक न्याय और कानून की बड़ी जीत है।
उन्होंने कहा कि सरकार अपने भ्रष्टाचार और तानाशाही पर पर्दा डालने के लिए लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनका जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल आईजीएमसी में मरीजों के भोजन शुल्क को 14 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करना गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों पर आर्थिक बोझ डालने जैसा है। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले परिवार पहले ही आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं और ऐसे में अस्पताल प्रशासन द्वारा मेस व्यवस्था को ठेके पर देना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों का भोजन खर्च 420 रुपये से बढ़कर करीब 1500 रुपये तक पहुंच जाएगा, जिससे गरीब मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। उन्होंने सरकार के उस फैसले को भी कठघरे में खड़ा किया, जिसमें राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर करने की अधिसूचना जारी की गई थी।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा इस अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाना सरकार की तानाशाही सोच पर करारा तमाचा है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार नियमों और संवैधानिक व्यवस्थाओं को दरकिनार कर काम कर रही है तथा भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब सरकार का असली चेहरा पहचान चुकी है।






