वधायक डॉ. जनक राज ने पुराने नक्शों को हटाने को लेकर बुलंद की आवाज
अगर भारत माता के नक्शे में ही त्रुटि हो, तो बच्चों को सच्चा देशप्रेम कैसे सिखाया जाएगा? इसी सोच को लेकर भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने जिला चंबा में शिक्षा क्षेत्र की एक गहरी खामियों पर सीधी चोट की है। डॉ. जनक राज ने चंबा के उपायुक्त मुकेश रेपसवाल को एक गंभीर पत्र भेजते हुए अनुरोध किया है कि जिले के समस्त सरकारी एवं निजी विद्यालयों में भारत के पुराने और असंगत नक्शों का सर्वे करवाया जाए और उन्हें भारत सरकार द्वारा अधिकृत नवीनतम मानचित्रों से शीघ्र बदलवाया जाए। डॉ. जनक राज का कहना है कि देश की भौगोलिक अखंडता और विद्यार्थियों की बुनियादी समझ एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। अगर हम बच्चों को सही नक्शा नहीं दिखा सके, तो हम उन्हें अधूरी शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि शिक्षा विभाग इस दिशा में तत्काल कार्रवाई करते हुए पुराने मानचित्रों को हटवाकर नए, आधिकारिक नक्शे उपलब्ध करवाए। इससे बच्चों में राष्ट्रीय गर्व, सटीक ज्ञान और संवेदनशील नागरिकता विकसित होगी। इस प्रेरणादायक और देशभक्ति से भरपूर पहल की क्षेत्र भर में सराहना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि डॉ. जनक राज सिर्फ विधायक नहीं, एक सजग प्रहरी हैं जो राष्ट्रनिर्माण की नींव शिक्षा को मजबूत करने में लगे हैं।
कई स्कूलों में लगे नक्शे भारत की वास्तविक सीमाओं को सही तरीके से नहीं करते प्रतिबिंबित
वधायक ने आगाह किया है कि वर्तमान में कई विद्यालयों में जो नक्शे लगे हैं, वे भारत की वास्तविक सीमाओं को सही तरीके से प्रतिबिंबित नहीं करते। यह न सिर्फ छात्रों के मन में भ्रम उत्पन्न करता है, बल्कि देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए भी गंभीर खतरा है।












