मेले हमारी समृद्ध सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक : डॉ. शांडिल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सभ्यता व संस्कृति के प्रतीक हैं। मेलों के माध्यम से न केवल आपसी भाईचारे की भावना को बल मिलता है, बल्कि हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी यह अहम भूमिका निभाते हैं। डॉ. शांडिल आज यहां ग्राम पंचायत शामती के धोबटन में आयोजित मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर धोबटन में मंगला माता के मंदिर में पूजा अर्चना की और सभी के समृद्ध जीवन की कामना की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेले मनोरंजन के साथ-साथ व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने का एक बहुआयामी मिश्रण है। डॉ. शांडिल ने कहा है कि वर्तमान सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दे रही है। हिमाचल सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन कर रही है।
स्वच्छ जल शोधन योजना के तहत व्यय किए जा रहे 200 करोड़
इसी दृष्टि से प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वच्छ जल शोधन योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत 200 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत हर नागरिक को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने का लक्षय है। उन्होंने मझगांव खेल मैदान के लिए 02 लाख रुपए, मंगला माता सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपए तथा मेला समिति को 11 हजार रुपए देने की घोषणा की।
लोगों की सुनी समस्याएं
डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं सुनी और इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इससे पूर्व मेला धोबटन समिति के अध्यक्ष सुनील ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा क्षेत्र की समस्याओं से अवगत करवाया। डॉ. शांडिल के सुपुत्र सेवानिवृत्त कर्नल संजय शांडिल, ग्राम पंचायत नौणी के प्रधान मदन हिमाचली, ग्राम पंचायत शामती की प्रधान लता देवी, प्रधान जयवंती ठाकुर, प्रधान पूनम, प्रधान कुसुम ठाकुर, प्रधान जयवंती, उप प्रधान राकेश मेहता, पूर्व प्रधान संजीव सूद, कांग्रेस के कार्यकर्ता आशु ठाकुर, सुशांत व अंकुर, उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल सहित अन्य उपस्थित थे।












