आंगनवाड़ी और मिड डे मील वर्कर के चुनाव लड़ने पर गिरी गाज, इस पंचायत में प्रधान पद का चुनाव रद्द
शिमला/चंबा: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने दो बड़े और अहम फैसले लेते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सख्त संदेश दिया है। एक तरफ बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत टहली में प्रधान पद का चुनाव रद्द कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर चंबा जिले की ग्राम पंचायत चंबी के वार्ड नंबर-3 डिल्ला में उम्मीदवार के निधन के बाद चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर नए सिरे से मतदान कराने का निर्णय लिया गया है।
टहली पंचायत में प्रधान पद का चुनाव रद्द
बिलासपुर जिले के विकासखंड श्री नैना देवी जी की ग्राम पंचायत टहली में प्रधान पद के चुनाव को राज्य निर्वाचन आयोग ने गंभीर अनियमितताओं के चलते निरस्त कर दिया। मामला उस समय सामने आया जब जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) बिलासपुर की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रधान पद की दो उम्मीदवारों ने नामांकन के दौरान अपने सरकारी दायित्वों की जानकारी छिपाई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक उम्मीदवार कमलेश पत्नी राम कृष्ण मिड-डे मील वर्कर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि दूसरी उम्मीदवार मीरा देवी पत्नी जयपाल आंगनवाड़ी वर्कर हैं। आयोग ने माना कि दोनों पद हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्यता की श्रेणी में आते हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में कहा कि नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया प्रभावित और दूषित हो चुकी है, ऐसे में प्रधान पद का चुनाव निष्पक्ष ढंग से कराना संभव नहीं है। इसी आधार पर संविधान के अनुच्छेद 243K और पंचायती राज अधिनियम के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए चुनाव रद्द करने का फैसला लिया गया।
सील किए जाएंगे मतपत्र और नामांकन दस्तावेज
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि प्रधान पद से संबंधित सभी नामांकन पत्र, मतपत्र और डाक मतपत्रों को सील कर सुरक्षित रखा जाए। साथ ही पंचायत क्षेत्र में लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से चुनाव रद्द होने की व्यापक सूचना प्रसारित करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत टहली में प्रधान पद को छोड़कर अन्य सभी पदों के चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही संपन्न होंगे।
चंबा में उम्मीदवार के निधन से बदले चुनावी समीकरण
उधर चंबा जिले की ग्राम पंचायत चंबी के वार्ड नंबर-3 डिल्ला में चुनावी प्रक्रिया के दौरान दुखद स्थिति सामने आई। वार्ड सदस्य पद की उम्मीदवार जानो के आकस्मिक निधन के बाद निर्वाचन प्रक्रिया रोकनी पड़ी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित वार्ड का चुनाव रद्द कर दिया है। आयोग ने कहा कि संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत अब इस वार्ड में नए सिरे से चुनाव करवाए जाएंगे।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं चुनावी समीकरण भी पूरी तरह बदल गए हैं। अब निर्वाचन विभाग नए कार्यक्रम के तहत आगामी प्रक्रिया को पूरा करेगा।






