हिमाचल के सरकारी स्कूलों की अब होगी वर्चुअल निगरानी, छात्रों से लिया जाएगा सीधा फीडबैक
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों की निगरानी अब तकनीक के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाई जाएगी। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अब वर्चुअल माध्यम से स्कूलों का निरीक्षण कर सकेंगे। इस नई पहल की शुरुआत शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिमला से की।
पोर्टमोर, शिमला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के दौरान शिक्षा मंत्री ने वर्चुअल संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया और चंबा जिले के मेहला विद्यालय के प्रधानाचार्य से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की उपलब्धता, रिक्त पदों की स्थिति, छात्रों के शैक्षणिक परिणाम तथा उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने वर्चुअल माध्यम से विद्यालय की कक्षाओं का भी अवलोकन कराया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान उन्होंने वहां शिक्षा विभाग की वर्चुअल निरीक्षण व्यवस्था को देखा था, जिससे प्रेरित होकर हिमाचल में भी इस मॉडल को लागू किया गया है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
रोहित ठाकुर ने कहा कि इस पहल से शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रधानाचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी सीधे संवाद कर सकेंगे। इससे स्कूलों की वास्तविक स्थिति का समय पर आकलन होगा, विद्यार्थियों से सीधे फीडबैक प्राप्त किया जा सकेगा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि वर्चुअल संवाद कार्यक्रम सरकारी विद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






