सचिवालय के बाहर गरजीं मिड डे मील वर्कर्स, केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ बोला हल्ला
हिमाचल प्रदेश में मिड-डे मील वर्कर्स सोमवार को प्रदेशव्यापी हड़ताल पर रहे। सीटू से संबंधित मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर टालैंड से सचिवालय तक रोष रैली निकाली और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यूनियन का कहना है कि मिड-डे मील वर्कर्स वर्षों से बेहद कम मानदेय पर काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। प्रदर्शनकारियों ने मानदेय में बढ़ोतरी, 12 महीने का वेतन, ग्रेच्युटी, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं देने की मांग उठाई।
हड़ताल के चलते कई स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था प्रभावित रही। वर्कर्स ने भोजन तैयार नहीं किया, जिसके बाद शिक्षकों को अपने स्तर पर बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था करनी पड़ी।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले 17 वर्षों में उनके मानदेय में एक रुपये तक की बढ़ोतरी नहीं की है। वहीं, राज्य सरकार भी उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही। उन्होंने कहा कि वर्कर्स को पूरे वर्ष बिना छुट्टी काम करना पड़ता है, जबकि कई बार तीन-तीन महीने तक वेतन नहीं मिलता और भुगतान भी किस्तों में किया जाता है।
मिड-डे मील वर्कर्स ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रदेशभर के हजारों वर्कर्स लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब वे किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।






