हमीरपुर की इस पंचायत का सख्त संदेश: सरेआम नशा करने वालों को नहीं मिलेगा 'चरित्र प्रमाण-पत्र'
हमीरपुर जिले की ग्राम पंचायत देई दा नौण ने अपनी पहली ही ग्राम सभा में कई अहम और चर्चित फैसले लेकर क्षेत्र में नई मिसाल पेश की है। पंचायत प्रधान विक्की वनिता की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा में नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर मुहर लगाई गई।
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते या अन्य प्रकार का नशा करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ पंचायत स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे व्यक्तियों के चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगाने के साथ-साथ पंचायत से मिलने वाली अन्य सेवाओं और एनओसी संबंधी मामलों में भी नियमानुसार सख्ती बरती जाएगी।
ग्राम सभा में शादी-ब्याह और अन्य शुभ अवसरों पर किन्नरों को दी जाने वाली बधाई राशि भी निर्धारित की गई। पंचायत ने सामान्य परिवारों के लिए 2100 रुपये तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए 1100 रुपये की राशि तय करने का प्रस्ताव पारित किया, ताकि लोगों पर मनमानी रकम देने का दबाव न बने।
इसके अलावा शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत क्षेत्र के दोनों सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को ग्राम सभा में सम्मानित करने का निर्णय भी लिया गया है। पंचायत का मानना है कि इससे बच्चों का उत्साहवर्धन होगा और अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।
प्रधान विक्की वनिता ने कहा कि ग्राम सभा केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि गांव की साझी संसद है, जहां लिए गए हर निर्णय का उद्देश्य समाज और गांव के हितों को आगे बढ़ाना है। पहली ही ग्राम सभा में लिए गए इन फैसलों ने देई दा नौण पंचायत को पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।






