SP से DIG बनने पर भी नहीं छोड़ा सरकारी बंगला, IPS अधिकारी संजीव गांधी को 1.80 लाख रुपये के डैमेज चार्ज का नोटिस
शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने डीआईजी टीटी एंड आर संजीव कुमार गांधी को शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के लिए आरक्षित सरकारी आवास समय पर खाली नहीं करने के मामले में 1.80 लाख रुपये से अधिक का डैमेज चार्ज नोटिस जारी किया है। नोटिस में राशि तुरंत जमा करने, आवास खाली करने और ऐसा न करने पर वेतन से वसूली तथा बेदखली की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दरअसल, प्रदेश सरकार ने 5 फरवरी 2026 को 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव गांधी की एसपी से डीआईजी पद पर पदोन्नति के आदेश जारी किये थे। उनकी जगह 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह को शिमला का नया एसपी नियुक्त किया गया था।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार संजीव कुमार गांधी ने 7 फरवरी 2026 को एसपी शिमला का कार्यभार छोड़ दिया था। हिमाचल प्रदेश सरकारी आवास आवंटन नियम, 1994 के तहत किसी अधिकारी को पद छोड़ने या स्थानांतरण के बाद निर्धारित अवधि के भीतर सरकारी आवास खाली करना होता है। नोटिस में कहा गया है कि उन्हें 6 मार्च 2026 तक आवास रखने की अनुमति थी। इसके बाद उसका कब्जा अनधिकृत माना गया।
दस्तावेज के अनुसार पुलिस मुख्यालय ने 12 मई 2026 को आवास खाली करने का नोटिस भी जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद आवास खाली नहीं किया गया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकारी आवास (जनरल पूल) नियम, 1994 के नियम 18ए के तहत डैमेज चार्ज लगाने की कार्रवाई की गई।
नोटिस में बताया गया है कि संबंधित आवास का क्षेत्रफल लगभग 3568.88 वर्ग फुट है। नियमों के अनुसार अनधिकृत कब्जे की स्थिति में 18 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रतिमाह की दर से डैमेज चार्ज लगाया जाता है। इसी आधार पर 31 मई 2026 तक की अवधि के लिए कुल 1,80,286 रुपये का आकलन किया गया है। इसमें मार्च 2026 के 25 दिनों के लिए 51,806 रुपये से अधिक तथा अप्रैल और मई 2026 के लिए 1.28 लाख रुपये से अधिक की राशि शामिल है।
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि यह राशि तत्काल जमा कराई जाए। नोटिस में कहा गया है कि यदि भुगतान नहीं किया जाता है तो यह रकम वेतन से वसूल की जा सकती है। साथ ही 1 जून 2026 से आवास खाली होने तक डैमेज चार्ज लगातार बढ़ता रहेगा और उसकी भी वसूली की जाएगी।
नोटिस में संजीव कुमार गांधी को आवास तुरंत खाली कर उसका कब्जा वर्तमान एसपी शिमला गौरव सिंह को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि आदेश का पालन नहीं होने पर हिमाचल प्रदेश पब्लिक प्रिमाइसेज एंड लैंड (इविक्शन एंड रेंट रिकवरी) एक्ट, 1971 के तहत बेदखली की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
हालांकि संजीव कुमार गांधी ने इस मामले में कहा है कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यह उनकी छवि खराब करने का प्रयास है और वह इस मामले को अदालत में चुनौती देंगे।
संजीव कुमार गांधी को यह सरकारी आवास उस समय आवंटित किया गया था, जब वे एसपी शिमला के पद पर कार्यरत थे। बाद में उनकी पदोन्नति होने के बाद उन्होंने फरवरी 2026 में डीआईजी का पद संभाला। उनकी जगह गौरव सिंह को एसपी शिमला नियुक्त किया गया। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि चूंकि यह आवास एसपी शिमला के लिए आरक्षित है, इसलिए पद छोड़ने के बाद इसे निर्धारित समय के भीतर खाली किया जाना चाहिए था। इसी आधार पर अब डैमेज चार्ज का नोटिस जारी किया गया है।






