शिमला के पंथाघाटी में भूस्खलन का खतरा, दहशत में लोग; एक घर और फ्लैट खाली करवाए गए
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच चंबा से शिमला तक कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। राजधानी शिमला का लोअर पंथाघाटी क्षेत्र भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है। पहाड़ी में दरारें आने और जमीन खिसकने की आशंका के चलते स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
खतरे को देखते हुए शुक्रवार को एहतियात के तौर पर एक फ्लैट और एक मकान को खाली करवा दिया गया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है, जबकि आसपास के कई अन्य भवनों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ग्रामीण मंजीत शर्मा ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर भवन निर्माण और पहाड़ी की खोदाई का काम तुरंत रुकवा दिया। एसडीएम ने बताया कि एहतियात के तौर पर एक मकान खाली करवाया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अवैज्ञानिक खोदाई पर उठे सवाल
स्थानीय निवासी चेतन मेहता ने आरोप लगाया कि बरसात के दौरान भवन निर्माण के लिए की गई अवैज्ञानिक खोदाई से पहाड़ी कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के बिना किए गए निर्माण कार्य का असर अब आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है।






