तेल की बढ़ी कीमतों पर CM सुक्खू का जवाब, बोले- 'पंजाब-हरियाणा से कम दाम में हिमाचल में मिल रहा पेट्रोल-डीजल'
बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा सेस लागू होने के बाद सियासत तेज है। विपक्ष के लगातार हमलों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सेस लागू होने के बावजूद हिमाचल में पेट्रोल-डीजल की कीमत पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड से करीब 60 पैसे कम है।
बिलासपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमत हिमाचल से करीब सवा रुपये अधिक है। ऐसे में अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए 60 पैसे सेस लगाने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि सेस के बाद भी हिमाचल में ईंधन की कीमत पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम है।
एम्स बिलासपुर में आधुनिक सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने एक दिवसीय बिलासपुर दौरे के दौरान एम्स बिलासपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने एम्स प्रबंधन, चिकित्सकों और मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिल्ली एम्स में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक मेडिकल तकनीक जैसी सुविधाएं बिलासपुर एम्स में भी उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने मेडिकल संस्थानों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की कमी को बड़ी चुनौती बताया।
सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की होगी नियमित नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुपर स्पेशलिस्ट करके हिमाचल लौटने वाले डॉक्टरों के वॉक-इन इंटरव्यू करवाए जाएंगे और उन्हें नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रदेश में रोकने और मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार पैरामेडिकल स्टाफ समेत अन्य रिक्त पदों पर दिसंबर तक करीब 80 फीसदी नियुक्तियां पूरी करने की दिशा में काम कर रही है।
अस्पतालों की ऑक्यूपेंसी 35 से बढ़कर 80 फीसदी से ज्यादा
सीएम ने दावा किया कि जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई थी, उस समय प्रदेश के अस्पताल और मेडिकल कॉलेज करीब 35 फीसदी ऑक्यूपेंसी पर चल रहे थे। अब यह आंकड़ा बढ़कर 80 फीसदी से अधिक हो गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हमीरपुर में नॉर्थ इंडिया का रिसर्च सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। इसके अलावा आईजीएमसी में भी एक नए रिसर्च सेंटर की स्थापना की योजना है। सरकार का फोकस स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और रिसर्च सुविधाओं को मजबूत करने पर है।






