कुल्लू की पहाड़ी सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों का जलवा, 32 सेवाओं ने एक दिन में कमाए ₹1.15 लाख; ग्रामीण रूट भी जुड़े
कुल्लू की पहाड़ी सड़कों पर दौड़ रहीं इलेक्ट्रिक बसें जहां पर्यावरण के लिए राहत बन रही हैं, वहीं एचआरटीसी के कुल्लू डिपो की आय बढ़ाने में भी अहम योगदान दे रही हैं। 13 सितंबर के दैनिक आंकड़ों के अनुसार कुल्लू डिपो से संचालित 32 इलेक्ट्रिक बस सेवाओं ने एक दिन में करीब 2700 किलोमीटर का सफर तय किया और निगम को 1 लाख 15 हजार 467 रुपये की आय हुई। यानी औसतन प्रत्येक सेवा से करीब 3608 रुपये की कमाई हुई और प्रति किलोमीटर औसत आय करीब 42.77 रुपये रही। इनमें मनाली-केलांग सेवा प्रमुख कमाई वाले रूटों में रही, जिसने 138 किलोमीटर का सफर तय कर 11,165 रुपये की आय अर्जित की। वहीं कुल्लू-पराशर रूट से 8,956 रुपये और मनाली-धर्मशाला सेवा से 17,746 रुपये की आय दर्ज हुई, जिसमें टिकट बुकिंग से मिली 1,696 रुपये की अतिरिक्त राशि भी शामिल है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अब पर्यटन रूटों तक सीमित नहीं है, बल्कि बरशैणी, बंजार, पराशर, बठाहड़, चंसारी, राउगी, लारीकोट और सैंज जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच चुका है। एचआरटीसी कुल्लू के उपमंडलीय प्रबंधक डीके नारंग के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा के साथ निगम की आय में भी आगे बढ़ोतरी की उम्मीद है।






