हिमाचल में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर ‘सफेद जहर’ का धंधा, मुंबई से सप्लाई… युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
हिमाचल में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर ‘सफेद जहर’ का धंधा, मुंबई से सप्लाई… युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़े ऑनलाइन नकली दवा रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि मुंबई से नकली दवाएं तैयार कर कूरियर के माध्यम से हिमाचल भेजी जा रही थीं। इन दवाओं पर एक नामी फार्मा कंपनी की मुहर लगाकर उन्हें असली बताकर बेचा जा रहा था, जबकि संबंधित कंपनी का इन दवाओं से कोई लेना-देना नहीं था।
कूरियर के जरिए सप्लाई, बिना बिल चलता था पूरा खेल
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। दवाओं की सप्लाई कूरियर के जरिए की जाती थी और किसी भी तरह का वैध बिल या रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था। ऑनलाइन माध्यम से ये नकली दवाएं सीधे चंबा सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पहुंचाई जा रही थीं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर ने जुलाहकड़ी के एक व्यक्ति को 750 कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं और तार उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद अहमद से जुड़ गए, जो मुंबई से इस गिरोह को संचालित कर रहा था।
ब्रांडेड कंपनी के नाम पर ‘सफेद जहर’ का धंधा
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ‘प्रेगाबलिन’ नामक दवा की नकली खेप तैयार कर रहा था, जिसका उपयोग सामान्यतः दिमागी बीमारी के इलाज में किया जाता है। इन नकली दवाओं पर एक प्रतिष्ठित फार्मा कंपनी की मुहर लगाई जाती थी ताकि किसी को शक न हो।
जब विभाग ने संबंधित कंपनी से संपर्क किया, तो कंपनी ने साफ इनकार कर दिया कि उसने ऐसी कोई दवा बनाई ही नहीं है। यानी कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर बाजार में ‘सफेद जहर’ बेचा जा रहा था।
युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा था गिरोह
जांच में एक और चिंताजनक तथ्य सामने आया है कि इन दवाओं का इस्तेमाल इलाज के बजाय नशे के रूप में किया जा रहा था। खासकर युवा वर्ग बिना बिल के मिल रही इन दवाओं को ऊंचे दामों पर खरीद रहा था, जिससे यह गिरोह मोटा मुनाफा कमा रहा था।
आरोपी न्यायिक हिरासत में, साथियों की तलाश जारी
मुख्य आरोपी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, उसके द्वारा बताए गए चार अन्य साथियों की तलाश में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, नेटवर्क खत्म करने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चंबा जिले में पिछले कुछ समय से अवैध और नशीली दवाओं के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और अब तक कितनी मात्रा में नकली दवाएं बाजार में पहुंच चुकी हैं।
राज्य दवा नियंत्रक ने साफ किया है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए हर स्तर पर जांच की जा रही है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल अवैध दवा कारोबार पर सख्ती का संकेत है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।












