हरोली में अवैध खनन: 100 फीट तक खोद डाली जमीन, NGT ने जिला प्रशासन से तलब की रिपोर्ट
ऊना जिले के हरोली क्षेत्र में स्थित नंगल खुर्द गांव में एक स्टोन क्रशर यूनिट द्वारा नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं।
एनजीटी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक संयुक्त कमेटी गठित की है, जिसमें जिला प्रशासन, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और पर्यावरण मंत्रालय के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति को स्थल का मौके पर निरीक्षण कर यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि खनन कार्य पर्यावरणीय मंजूरी और निर्धारित शर्तों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि स्टोन क्रशर यूनिट ने अनुमति से कई गुना अधिक खनन किया है। जहां दो वर्षों के लिए 88,000 मीट्रिक टन खनन की अनुमति दी गई थी, वहीं वास्तविक खनन लगभग 3.78 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। इसके अलावा यह भी आरोप है कि यूनिट द्वारा करीब 100 फीट गहराई तक अवैध खुदाई की गई है।
मामले में यह भी गंभीर आरोप हैं कि निजी कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचाया गया है। करीब 27 कनाल उपजाऊ भूमि में गहरी खुदाई होने से उसकी उत्पादक क्षमता प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इसके चलते क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने मानसून के दौरान जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याओं की आशंका भी व्यक्त की है। वहीं, इस पूरे मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि निरीक्षण के दौरान खामियां सामने आने के बावजूद यूनिट को संचालन की अनुमति जारी रखी गई थी।
एनजीटी ने समिति को आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने और आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करने के निर्देश दिए हैं। उधर, शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में सख्त कार्रवाई और पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई की मांग की है।












