अब हर पंचायत बताएगी अपना मौसम! हिमाचल की 3758 पंचायतों में लगेंगे ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम की सटीक जानकारी अब ब्लॉक या तहसील स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर पंचायत का अपना मौसम रिकॉर्ड होगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वेदर इन्फॉर्मेशन एंड नेटवर्क डाटा सिस्टम (WINDS) योजना के तहत प्रदेश की सभी 3758 ग्राम पंचायतों में आधुनिक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। करीब 72 करोड़ रुपये की लागत से लागू होने वाली यह परियोजना किसानों, बागवानों, विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी।
मार्च तक सभी पंचायतों में लगेंगे वेदर स्टेशन
योजना के तहत पंचायतों से जुड़े सरकारी स्कूल परिसरों में अत्याधुनिक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये स्टेशन तापमान, वर्षा, आर्द्रता, हवा की गति, ओलावृष्टि और अन्य मौसमीय गतिविधियों का रियल टाइम डाटा एकत्र करेंगे। इससे लोगों को अपने क्षेत्र की सटीक मौसम जानकारी समय पर उपलब्ध होगी और मौसम में होने वाले बदलावों का पूर्वानुमान पहले से कहीं अधिक सटीक हो सकेगा।
इन स्टेशनों की स्थापना के लिए गुजरात और कानपुर की अलग-अलग कंपनियों को टेंडर आवंटित किए गए हैं। निर्धारित समयसीमा के अनुसार सभी वेदर स्टेशन मार्च तक स्थापित किए जाएंगे। कार्य पूरा होने के बाद ही कंपनियों को केंद्र सरकार की ओर से भुगतान किया जाएगा।
कृषि एवं बागवानी सचिव ने क्या कहा?
हिमाचल प्रदेश के कृषि एवं बागवानी सचिव सी. पालरासु ने बताया कि प्रदेश की सभी पंचायतों में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन लगाए जाएंगे। इससे किसानों, बागवानों और स्कूली विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा लोगों को अपने क्षेत्र की मौसम संबंधी सटीक और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
अब पंचायत स्तर पर मिलेगा मौसम का पूरा रिकॉर्ड
अभी तक मौसम संबंधी विस्तृत जानकारी मुख्य रूप से ब्लॉक और तहसील स्तर तक ही उपलब्ध होती थी, जिसके कारण कई बार स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सटीक पूर्वानुमान नहीं मिल पाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक पंचायत का अलग मौसम डाटा तैयार होगा, जिससे मौसम विभाग और अन्य एजेंसियां स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अधिक सटीक पूर्वानुमान जारी कर सकेंगी।
किसानों और बागवानों के लिए बनेगी वरदान
जलवायु परिवर्तन और लगातार बदलते मौसम के दौर में यह योजना किसानों और बागवानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसम जानकारी के आधार पर किसान फसलों की बुवाई, सिंचाई और कटाई का सही समय तय कर सकेंगे। वहीं बागवान ओलावृष्टि, पाला, तेज बारिश या अन्य प्रतिकूल मौसम से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए पहले से तैयारी कर पाएंगे।
विद्यार्थियों को मिलेगा वैज्ञानिक ज्ञान
योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वेदर स्टेशन स्कूल परिसरों में लगाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को मौसम विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। छात्र मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे समझ सकेंगे और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश के लिए बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर तक मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध होने से न केवल कृषि और बागवानी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव, जल प्रबंधन और स्थानीय विकास योजनाओं को भी बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना हिमाचल को मौसम आधारित स्मार्ट योजना प्रणाली की दिशा में एक नई पहचान दिला सकती है।






