धर्मशाला में भारत-अफगानिस्तान वनडे 13 जून को, HPCA स्टेडियम फिर बनेगा क्रिकेट का रणक्षेत्र
आईपीएल के रोमांच के बाद अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का जोश धर्मशाला में देखने को मिलेगा। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 13 जून को हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम, धर्मशाला में खेला जाएगा। इसके लिए एचपीसीए ने तैयारियां तेज कर दी हैं और इस बार स्टेडियम में टी-20 नहीं, बल्कि पूरे 100 ओवरों के हिसाब से पिच तैयार की जा रही है।
एचपीसीए के अनुभवी पिच क्यूरेटर सुनील चौहान वनडे मुकाबले को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति के तहत पिच तैयार कर रहे हैं। हाल ही में धर्मशाला स्टेडियम में आईपीएल के तीन मुकाबलों के अलावा प्लेऑफ का क्वालीफायर मुकाबला खेला गया था। इनके लिए सेंटर की तीन अलग-अलग पिचों का उपयोग किया गया था। उन सभी पिचों को टी-20 क्रिकेट के अनुरूप तैयार किया गया था, ताकि बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने में मदद मिले और दर्शकों को चौके-छक्कों का रोमांच देखने को मिले।
अब वनडे मुकाबले के लिए परिस्थितियां अलग होंगी। 50-50 ओवर के इस मैच में बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों की भूमिका भी अहम रहने वाली है। ऐसे में पिच को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को हल्की मदद मिले, जबकि बाद में बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल सकें।
स्पिन गेंदबाजों को भी मध्य ओवरों में कुछ सहायता मिलने की संभावना रहेगी। धर्मशाला स्टेडियम खूबसूरत आउटफील्ड, तेज हवाओं और पहाड़ों के बीच शानदार माहौल के लिए पहचाना जाता है। यहां की पिच अक्सर उछाल और गति के कारण खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाला यह मुकाबला भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।
एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा ने कहा कि आईपीएल के बाद अब एचपीसीए का पूरा फोकस अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबले को सफल बनाने पर है। स्टेडियम में दर्शकों की सुविधाओं, सुरक्षा और टीमों के अभ्यास सत्रों को लेकर भी तैयारियां लगातार जारी हैं। वहीं मैदान में भी पिच को भी वनडे के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। ताकि एक दिवसीय फार्मेट के तहत मैच का आयोजन किया जा सके।
जून के पहले सप्ताह में टिकटों की बिक्री संभव
एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा ने बताया कि बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार जून के पहले सप्ताह में टिकटों की बिक्री शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ई-टिकट और हार्ड टिकट व्यवस्था को लेकर अभी विचार-विमर्श चल रहा है। बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मैच के लिए केवल ई-टिकट व्यवस्था लागू की जाएगी या फिर हार्ड टिकट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी






