कुमार साहिल और भावना जरयाल के नाम रही मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या हिमाचली गायक कुमार साहिल और भावना जरयाल के नाम रही। हिंदी और पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति देकर दोनों गायकों ने श्रोताओं की वाहवाही लूटी। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। इससे पहले पहली सांस्कृतिक संध्या में मुख्यातिथि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल रहे। मिंजर मेला समिति की ओर से उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने उन्हें सम्मानित किया। पहली सांस्कृतिक संध्या का आगाज शाम चार बजे से हुआ। इस दौरान स्थानीय युवा कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके बाद शाम अंजीत भट्ट एंड पार्टी ने कुंजड़ी मल्हार की प्रस्तुति दी। ऊना जिले के बनगढ़ पुलिस बैंड ने धुनों के जरिए समां बांधा। इसके बाद गायक सुभाष प्रिंस ने मंच संभाला और देवा श्री गणेशा गीत से अपनी प्रस्तुति का आगाज किया। उन्होंने आया ता जिंदे बंजारा आया, भेड़ा केरुआ पालणुआ और चिट्टा तेरा चोला आदि गीतों की प्रस्तुति दी। इसके बाद गायक भावना जरयाल ने मंच संभाला। उन्होंने रोटी दी सुणाया, सुमो गुजरेटी, अधी राती रजमा तू नसीं गई ते बजी चाटी रजमा और बीना रिमीक्स गीत से समां बांधा। इसके बाद गुलशन पाल ने प्रस्तुति दी। शाम साढ़े आठ बजे बिलासपुर के गायक गौरव काैंडल ने मंच संभाला। उन्होंने तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, डायमंड दी झांझर, गुड़ नालो इश्क मिठा प्रस्तुति से तालियां बटोरीं। प्राइम टाइम कलाकार में प्रस्तुति देने हिमाचली गायक कुमार साहिल पहुंचे। श्रोताओं ने उनका तालियों से स्वागत किया। उन्होंने सईंयारा-सईंयारा, तेरी गलियां, ऐ दिल है मुश्किल, हॉय रेडि गबरू और जिन्ने मेरे दिल लुटेया से समां बांधा और श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।












