जल जनित बीमारियों के बचाव को लेकर मुख्य भंडारण टैंकों को किया जा रहा साफ
नगर निगम ने जल जनित बीमारियों के बचाव को लेकर मुख्य भंडारण टैंकों की सफाई का कार्य शुरू किया है। ऐसे में तीन से चार दिनों तक लोगों को मांग से कम पानी मिल सकता है। इस कारण टैंकों में पानी का स्टोर न होना है। हालांकि, निगम रोटेशन के तहत पानी दे रहा है। वहीं आगामी दिनों में भी रानिंग करनी पड़ेगी क्योंकि राज्य स्तरीय शूलिनी मेले में नगर निगम को शहर में पानी की अधिक मांग रहेगी। वहीं नगर निगम ने शनिवार और रविवार को बड़े टैंक में सफाई कार्य किया। टैंक में सफाई के बाद अंदर व बाहर व्हाइट वॉश होगा। इसके बाद टैंक में ब्लीचिंग पाउडर डालने के बाद सप्लाई शुरू की जाएगी। टैंक में चल रही सफाई कार्य देखने के लिए महापौर ऊषा शर्मा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता से सफाई कार्यों की जानकारी ली। वहीं, नगर निगम ने दावा किया है कि टैंकों की सफाई के दौरान लोगों को पानी की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। पानी योजनाबद्ध तरीके से आवंटित किया जाएगा। लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने मुख्य भंडारण टैंक की साफ-सफाई करवाने की सूचना पहले नहीं दी। अचानक इस प्रकार के निर्णय से लोगों को परेशान होना पड़ेगा। लोगों ने कहा कि अगर निगम ने कोई इस प्रकार का निर्णय लेना था, तो जून के बाद लेते। पिछले सप्ताह भी पानी की किल्लत से लोगों को परेशान होना पड़ा था।
टैंक में गाद की भरमार
नगर निगम के पेयजल के मुख्य स्टोरेज टैंक में गाद की भरमार निकली। सफाई के दौरान धरातल पर जमी हुई गाद को निकालने के लिए कर्मचारियों को कई घंटे का समय लगा। इसके बाद जब पाइप से मिट्टीयुक्त पानी को निकाला, तो नाले को जाने वाला रास्ता भी भूरे रंग की गाद से भर गया। शनिवार को निगम ने टेंडर आवंटित करने के बाद सफाई कार्य शुरू करवा दिया है। भंडारण टैंक में करीब एक साल बाद नगर निगम सफाई करवा रहा है। ऐसे में टैंक के अंदर गाद काफी जमा हो गई है। टैंक की दीवारें तक पीली पड़ी हैं।
रोज 90 लाख लीटर पानी की जरूरत
शहर में 90 लाख लीटर पानी की रोजाना जरूरत होती है। इसकी पूर्ति गिरि और अश्वनी योजना से की जाती है। यहां से भंडारण टैंक तक पानी पहुंचता है। शनिवार को दोनों योजनाओं से 1.22 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई मिली है। इसके बाद इसका आवंटन एमइएस, न्यू और पुराने कथेड़, पुरानी व नई ऑफिसर कॉलोनी, खुंडीधार, न्यू चंबाघाट, वार्ड छह, मालरोड से मोहन पार्क, शक्तिनगर और आईटीआई समेत अन्य जगहों पर पानी की सप्लाई दी गई।












