आपदा प्रबंधन के लिए विभागीय तालमेल आवश्यक
उपमंडलधिकारी एवं जिला आपातकालीन नियंत्रण केंद्र नोड़ल अधिकारी लाहौल-स्पीति आकांक्षा शर्मा ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावी राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच आपसी तालमेल और सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। जिले में 6 जून को आयोजित होने जा रही मेगा मॉक ड्रिल इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए की जा रही है। वे मॉक ड्रिल से पूर्व इस संबंध में डीसी कार्यालय के सभागार में आयोजित टेबल टॉप में सभी विभागों द्वारा मॉकड्रिल के दौरान किए जाने वाले कार्यों के बारे में बता रही थी। उन्होंने बताया कि 6 जून में प्रदेशभर में राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम में लाहौल-स्पीति जिले में भी मॉक ड्रिल होगी। मॉक ड्रिल का आयोजन राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से किया जा रहा है। यह अभ्यास विशेष रूप से जिले में भूकंप, ग्लेशियर झील का टूटने, विभिन्न भवनों के गिरने जैसे परिकल्पित आपदा परिदृश्यों पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास जिला प्रशासन, विभागों और जनसामान्य की आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। जिले में भिन्न-भिन्न आपदा स्थितियों को आधार बनाकर राहत व बचाव गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। लाहौल-स्पीति जिले में 9 स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इनमें केलांग उपमंडल के तहत सिस्सू में गलेशियर झील का टूटना, भूकंप के कारण केलांग अस्पताल भवन का गिरना व केलांग शहर में एक भवन का गिर जाने का परिदृश्य रहेगा।












