सड़क नहीं तो वोट नहीं… बिलासपुर के भड़ोली खुर्द में पंचायत चुनाव का बहिष्कार
बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के पहले चरण की वोटिंग 26 मई को संपन्न हो चुकी है और उसी दिन इसके नतीजे भी घोषित कर दिए गए थे। अब प्रदेश में दूसरे चरण के लिए मतदान जारी है, जबकि तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव 30 मई को होंगे। इस बीच पहले चरण के मतदान के दौरान कई पंचायतों से हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं। ऐसा ही एक मामला बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल की भड़ोली कलां पंचायत से सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दिया।
चुनाव में केवल 6 वोट ही पड़े
भड़ोली कलां पंचायत के वार्ड नंबर-1 भड़ोली खुर्द में ग्रामीणों का वर्षों पुराना गुस्सा चुनाव के दिन खुलकर सामने आया। वार्ड में कुल 242 मतदाता हैं, लेकिन पंचायत चुनाव में केवल 6 वोट ही पड़े। बाकी ग्रामीणों ने मतदान केंद्र से दूरी बनाकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिले।
ग्रामीणों के अनुसार चिल्ला वाले मोड़ से बागडू तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क आज भी कच्ची पड़ी हुई है। बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ और फिसलन से भर जाता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। स्थिति इतनी खराब है कि बीमार मरीजों और बुजुर्गों को कई बार ट्रैक्टर या पालकी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
2014 में सांसद ने सड़क पक्की करने का दिया था आश्वासन
स्थानीय निवासी सुनील ने बताया कि गांव के लोग कई वर्षों से सड़क को पक्का करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला। वहीं ग्रामीण राकेश कुमार ने नेताओं पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि हर चुनाव से पहले सड़क पक्की करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में सांसद ने भी गांव में आकर सड़क जल्द पक्की करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक सड़क की हालत नहीं बदली।
राकेश कुमार ने कहा, “हमारी सबसे बड़ी समस्या सड़क की है। सांसद, विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों ने सिर्फ झूठे वादे किए हैं। हर बार कहा जाता है कि दो महीने या छह महीने में सड़क पक्की हो जाएगी, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। अब गांव के लोगों ने तय कर लिया है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक वोट नहीं देंगे।”
उधर, विकास खंड अधिकारी झंडूता संजीव पुरी ने बताया कि भड़ोली खुर्द वार्ड में केवल 6 वोट पड़ने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि डीसी बिलासपुर द्वारा मामले की रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसे प्रशासन की ओर से भेज दिया गया है।
ग्रामीणों के इस फैसले ने पंचायत चुनावों के बीच प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि चुनाव बहिष्कार के बाद प्रशासन गांव की सड़क समस्या को लेकर कितना गंभीर कदम उठाता है।






