मृतकों के खातों से निकाले 9 लाख रुपये! कांगड़ा में बड़ा पेंशन घोटाला, CBI ने शुरू की गहन जांच
कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से सरकारी पेंशन राशि के कथित गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले ने न केवल डाक विभाग की कार्यप्रणाली बल्कि सरकारी लाभ वितरण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, शिमला ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, डाक मंडल धर्मशाला के अंतर्गत आने वाले मंड मंजवां शाखा डाकघर में तैनात शाखा डाकपाल होशियार सिंह पर मृत लाभार्थियों के खातों से पेंशन राशि निकालने का आरोप है। आरोप है कि जून 2024 से सितंबर 2025 के बीच 19 मृत लाभार्थियों के खातों से लाखों रुपये की सरकारी राशि अवैध रूप से निकाली गई।
19 मृतकों के खातों से निकले 9 लाख रुपये
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिन लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी थी, उनके खातों में सरकारी पेंशन की राशि जमा होती रही। आरोप है कि इसी का फायदा उठाते हुए खातों से करीब 9.02 लाख रुपये निकाले गए। यह राशि विभिन्न सरकारी पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली धनराशि थी।
फर्जी दस्तावेज और नकली अंगूठों के निशान का आरोप
जांच एजेंसियों को संदेह है कि निकासी को वैध दिखाने के लिए फर्जी प्रपत्र तैयार किए गए और अंगूठों के नकली निशानों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया को इतनी सावधानी से अंजाम दिया गया कि लंबे समय तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
CBI ने शुरू की गहन जांच
शिकायत मिलने के बाद CBI ने पहले मामले का गोपनीय सत्यापन किया। वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच में पर्याप्त आधार मिलने पर एजेंसी ने औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली। अब मामले की जांच CBI की विशेष टीम कर रही है।
खंगाले जा रहे बैंक खाते और रिकॉर्ड
जांच एजेंसी डाकघर के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों, भुगतान रजिस्टरों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित घोटाले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और निगरानी व्यवस्था में ऐसी कौन-सी खामियां थीं, जिनकी वजह से मामला लंबे समय तक पकड़ में नहीं आया।
CBI अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।






