देहरा छात्र आत्महत्या मामला: स्कूल के बाहर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, मान्यता रद्द करने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल में 14 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के कई दिन बाद भी परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ है। रविवार को मृतक छात्र के पिता और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने संबंधित निजी स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल की मान्यता रद्द करने, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
"सिर्फ कर्मचारियों की गिरफ्तारी से नहीं मिलेगा न्याय"
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि केवल हॉस्टल वार्डन और बस चालक की गिरफ्तारी से न्याय नहीं मिलेगा। उनका आरोप है कि पूरे मामले की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन पर भी बनती है। इसलिए सरकार को स्कूल की मान्यता रद्द करने के साथ-साथ प्रबंधन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
समाजसेवी नायक कैडी ने कहा कि शिक्षा विभाग को इस स्कूल के अलावा संचालकों से जुड़े अन्य शिक्षण संस्थानों की भी जांच करनी चाहिए। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो वहां भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पिता का आरोप- नया वार्डन आने के बाद बदली बेटे की जिंदगी
मृतक छात्र के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बेटे को हॉस्टल में दाखिले के शुरुआती दिनों में कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन नए वार्डन के आने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। उन्होंने दावा किया कि हॉस्टल में रहने वाले अन्य बच्चों ने उन्हें बताया कि उनके बेटे के साथ नियमित रूप से मारपीट की जाती थी।
पिता के अनुसार, वार्डन नया डंडा लाकर बच्चों से कहता था कि "आज इसकी टेस्टिंग तुम्हारे ऊपर होगी।" उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई की जाती तो शायद आज उनका बेटा जीवित होता।
एमडी और प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी की मांग
मृतक छात्र के पिता ने कहा कि पुलिस की अब तक की कार्रवाई सही दिशा में है, लेकिन मामले के मुख्य आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने सरकार और न्यायालय से स्कूल के प्रबंध निदेशक (एमडी) और प्रधानाचार्य की अग्रिम जमानत रद्द कर उन्हें भी गिरफ्तार करने की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, स्कूल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परिवार के न्याय की नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 4 जुलाई को 14 वर्षीय छात्र ने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल के प्रबंध निदेशक (एमडी), प्रधानाचार्य, हॉस्टल वार्डन और स्कूल बस चालक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।
अब तक इस मामले में हॉस्टल वार्डन और स्कूल बस चालक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है, जहां से दोनों को 20 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, स्कूल के प्रबंध निदेशक और प्रधानाचार्य को अदालत से अग्रिम जमानत मिली हुई है।
इस बीच देहरा के पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने कहा है कि पुलिस मामले के हर पहलू की गहन और निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






