138 करोड़ NPA के बोझ तले बघाट अर्बन बैंक, सरकार ने पूरा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स किया निलंबित
सोलन: वित्तीय संकट और गंभीर अनियमितताओं से घिरे बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर हिमाचल सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (BoD) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही बैंक के संचालन और वित्तीय स्थिति को संभालने के लिए तीन सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति की गई है। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां दोरजे शेरिंग नेगी ने बोर्ड को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
आरबीआई की निरीक्षण रिपोर्टों में वर्ष 2017-18 से बैंक के कामकाज में गंभीर अनियमितताओं और वित्तीय कुप्रबंधन का खुलासा हुआ था। बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद सुधार नहीं होने पर बैंक का एनपीए बढ़कर 138 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए आरबीआई ने बैंक के लेन-देन पर भी प्रतिबंधात्मक कैपिंग लगा रखी है।
बैंक की खराब वित्तीय हालत को लेकर 11 हजार शेयरधारकों और करीब 80 हजार जमाकर्ताओं में लंबे समय से नाराजगी थी। लगातार शिकायतों और विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने यह कार्रवाई की है।
निलंबित बोर्ड में अध्यक्ष अरुण शर्मा, उपाध्यक्ष किरण किशोर ठाकुर समेत अन्य निदेशकों को हटाया गया है। वहीं बैंक के प्रबंधन के लिए नीरज सूद, गिरीश नड्डा और संजय कुमार शर्मा को प्रशासक नियुक्त किया गया है।






