विजिलेंस FIR पर सुधीर शर्मा का पलटवार, बोले- बदले की भावना से कार्रवाई कर रही सुक्खू सरकार
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को पूरी तरह निराधार, असत्य और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई तथ्यों और कानून के आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव में की गई है। उनका कहना है कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के दबाव में विजिलेंस ब्यूरो का दुरुपयोग कर उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने तथा उन्हें प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है।
'सार्वजनिक जीवन में हमेशा रखी पारदर्शिता'
सुधीर शर्मा ने जारी बयान में कहा कि उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन और व्यक्तिगत वित्तीय मामलों में हमेशा पारदर्शिता बनाए रखी है। उनकी आय, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन का पूरा विवरण समय-समय पर आयकर विभाग, भारत निर्वाचन आयोग और अन्य सक्षम वैधानिक संस्थाओं के समक्ष कानून के अनुसार प्रस्तुत किया जाता रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी एफआईआर का दर्ज होना केवल जांच प्रक्रिया की शुरुआत है, इसे किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उनके खिलाफ लगाए गए प्रत्येक आरोप का तथ्यात्मक और कानूनी आधार पर जवाब मौजूद है तथा उनकी प्रत्येक संपत्ति और वित्तीय लेन-देन का वैध एवं सत्यापित स्रोत उपलब्ध है।
'सत्य सामने आएगा, बेगुनाही साबित होगी'
भाजपा विधायक ने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सच्चाई सामने आएगी और वे पूरी तरह निर्दोष साबित होंगे। उन्होंने कहा कि एफआईआर में लगाए गए निष्कर्ष केवल अनुमान, अधूरी जानकारी और अस्थायी आकलन पर आधारित हैं, जिनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।
कोर्ट में देंगे चुनौती
सुधीर शर्मा ने स्पष्ट किया कि वे विजिलेंस की इस कार्रवाई की वैधानिकता और औचित्य को सक्षम न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण लेना हर नागरिक का अधिकार है और इसे जांच में बाधा डालने के रूप में पेश करना पूरी तरह भ्रामक और अनुचित है।
उन्होंने कहा कि वे कानून के अनुरूप हर जांच में पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन अपनी प्रतिष्ठा और अधिकारों की रक्षा के लिए उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग भी करेंगे।
मीडिया और जनता से की अपील
सुधीर शर्मा ने कहा कि उन्हें भारतीय संविधान, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कानून के शासन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मीडिया और आम जनता से अपील की कि अप्रमाणित आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें।
उन्होंने अंत में कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अंततः सत्य की ही जीत होगी और वे सभी आरोपों से पूर्णतः निर्दोष साबित होंगे।






