विक्रमादित्य की PM मोदी से डिमांड: 'धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए, इतिहास आपको "छोटे चाचा" के नाम से याद रखेगा'
शिमला: देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच अब हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उनके बयान के बाद हिमाचल के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी नई बहस छिड़ गई है।
'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लें, इतिहास नए नाम से याद करेगा'
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लेते हैं, तो इतिहास उन्हें एक नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को 'चाचा नेहरू' के नाम से जाना जाता है, उसी तरह भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी 'छोटे चाचा' के नाम से याद किया जा सकता है।
'युवाओं और विपक्ष की आवाज सुनें प्रधानमंत्री'
PWD मंत्री ने कहा कि इस समय देशभर के युवाओं में शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक को लेकर भारी नाराजगी है। ऐसे में प्रधानमंत्री को युवाओं और विपक्ष की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश और उनके विभाग के हित में सहयोग किया है, उन्होंने खुलकर उसकी सराहना की है, लेकिन मौजूदा परिस्थिति में जवाबदेही तय करना भी उतना ही जरूरी है।
'इस्तीफा जवाबदेही का बड़ा संदेश होगा'
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक मंत्री को हटाने का फैसला नहीं होगा, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के विश्वास को मजबूत करने वाला कदम साबित होगा। उनके मुताबिक, इससे सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश जाएगा।
बयान के बाद तेज हुई सियासी बहस
विक्रमादित्य सिंह के इस बयान के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है, क्योंकि NEET पेपर लीक का मामला पहले ही राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।






