चंबा नगर परिषद में शपथ ग्रहण पर हाईकोर्ट की रोक, 15 जून तक अटका अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का कार्यभार
चंबा। नगर परिषद चंबा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक और कानूनी संघर्ष अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गया है। मामले में हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश जारी किए जाने के बाद फिलहाल एक नया मोड ले लिया है , प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि न्यायालय के अंतिम निर्देशों के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।एसडीएम चंबा प्रियांशु खाती ने बताया कि 4 जून 2026 को नगर परिषद चंबा में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव संपन्न हुए थे।
चुनाव परिणाम घोषित करने के बाद पूरी प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कार्यालय को भेज दी गई थी। हालांकि चुनाव परिणामों को चुनौती देते हुए विपक्षी पक्ष ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया, जिसके बाद अदालत ने मामले पर स्टे आदेश जारी कर दिया।
प्रियांशु खाती ने कहा कि हाईकोर्ट ने प्रशासन से इस मामले में जवाब तलब किया है और संबंधित पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 15 जून को निर्धारित की गई है, जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
एसडीएम ने कहा कि चूंकि मामला न्यायालय के विचाराधीन है, इसलिए इस समय किसी भी प्रकार की अटकलें लगाना या जल्दबाजी में कोई निर्णय लेना उचित नहीं होगा। प्रशासन न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है और आगे की हर कार्रवाई अदालत के आदेशों के अनुरूप ही की जाएगी।
नगर परिषद चंबा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद को लेकर पैदा हुए इस विवाद ने स्थानीय राजनीति को भी गर्मा दिया है। अब न केवल निर्वाचित पार्षदों बल्कि आम जनता की नजरें भी 15 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के अगले आदेश से नगर परिषद चंबा के नेतृत्व को लेकर जारी असमंजस की स्थिति पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।






