रामपुर में HRTC बसों की हालत पर उठे सवाल, लगातार तीसरे दिन तकनीकी खराबी से यात्री परेशान
रामपुर: हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी बसों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में लगातार तीसरे दिन एचआरटीसी बस तकनीकी खराबी का शिकार हुई। शुक्रवार सुबह रामपुर डिपो की रामपुर-छनाच रूट पर चलने वाली बस रोपड़ू के पास अचानक खराब हो गई, जिसके कारण यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह के समय स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और अन्य जरूरी कामों के लिए निकले यात्रियों को बस खराब होने से परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीण इलाकों में परिवहन का मुख्य साधन एचआरटीसी होने के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई।
पुरानी बसों को लेकर लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों ने एचआरटीसी प्रबंधन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि रामपुर डिपो की कई बसें बार-बार बीच रास्ते में खराब हो रही हैं। खासकर दूरदराज के ग्रामीण रूटों पर पुरानी और जर्जर बसें चलाए जाने से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
लोगों ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में केवल तकनीकी रूप से फिट और सुरक्षित बसों को ही भेजा जाए। साथ ही पुरानी बसों को हटाकर नई बसें उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके।
पाइप फटने से आई तकनीकी खराबी
रामपुर बस अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने बताया कि रोपड़ू के पास बस का पाइप फटने की सूचना मिली थी। बस को ठीक करने के लिए मैकेनिक मौके पर भेजे गए हैं।
तीन दिनों में HRTC बसों से जुड़े तीन मामले
रामपुर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में एचआरटीसी बसों से जुड़े लगातार मामले सामने आए हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
15 जुलाई को रामपुर-खड़ाहण-कोटाधार-खोलीघाट मार्ग पर चल रही एचआरटीसी बस गरटोला के पास अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी। हादसे में बस कंडक्टर जय प्रकाश नेगी और 72 वर्षीय डाकू राम की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 19 घायलों का इलाज खनेरी अस्पताल में चल रहा है।
वहीं, 16 जुलाई को भी एक एचआरटीसी बस के इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा था। आग लगने की आशंका से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी, लेकिन चालक की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे खड़ा कर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
लगातार सामने आ रही तकनीकी खराबियों के बाद क्षेत्र के लोगों ने एचआरटीसी प्रबंधन से बसों की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हाल ही में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद भी अगर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।






